Edited By Seema Sharma,Updated: 20 Sep, 2023 10:02 AM

विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधानों वाला 128वां संविधान संशोधन विधेयक, 2023 लोकसभा में मंगलवार को पेश किया गया। वहीं बुधवार यानि कि आज सदन में इस पर चर्चा होगी। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी बहस के लिए अपनी...
नेशनल डेस्क: विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधानों वाला 128वां संविधान संशोधन विधेयक, 2023 लोकसभा में मंगलवार को पेश किया गया। वहीं बुधवार यानि कि आज सदन में इस पर चर्चा होगी। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी बहस के लिए अपनी पार्टी की ओर से मुख्य वक्ता होंगी। वहीं सरकार की तरफ से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, भारती पवार, दीया कुमारी सहित कई सांसद अपना पक्ष रखेंगे। अधिकांश राजनीतिक दल महिला सांसदों को चर्चा के दौरान बोलने का मौका दे सकते हैं।
बता दें कि मंगलवार को विधि एवं न्याय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने ‘नारी शक्ति वंदन विधेयक 2023' सदन में पेश करते हुए कहा कि संसद के नवनिर्मित भवन में पहले दिन की कार्रवाई के ऐतिहासक दिन यह विधेयक प्रस्तुत किया जा रहा है। 2008 में, मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने विधेयक को राज्यसभा में पेश किया और 2010 में इसे पारित कर दिया गया. हालांकि, विधेयक को लोकसभा में विचार के लिए कभी नहीं रखा गया।
सदन में विधेयक पेश करते हुए मेघावाल ने कहा, "यह विधेयक महिला सशक्तिकरण के संबंध में है. संविधान के अनुच्छेद 239AA में संशोधन करके, दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी। अनुच्छेद 330A लोक सभा में एससी/एसटी के लिए सीटों का आरक्षण। अर्जुन मेघवाल ने यह भी कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के बाद लोकसभा में महिलाओं के लिए सीटों की संख्या बढ़कर 181 हो जाएगी।