शारीरिक, पारिवारिक और आर्थिक समस्याओं की पीड़ा का हरण करती है शनि पूजा

Edited By Updated: 21 Aug, 2015 04:07 PM

article

'' शनि राखे संसार में, हर प्राणी कि खैर, न काहु से दोस्ती, न काहु से बैर।।' श्री शनिदेव लोगों को जितना दंड नहीं देते उससे अधिक लोग उनके दण्ड से डरते हैं। होता यह है कि लोग मृत्यु से कम मृत्यु के भय से अधिक मरते हैं।

'' शनि राखे संसार में, हर प्राणी कि खैर, न काहु से दोस्ती, न काहु से बैर।।'
 
श्री शनिदेव लोगों को जितना दंड नहीं देते उससे अधिक लोग उनके दण्ड से डरते हैं। होता यह है कि लोग मृत्यु से कम मृत्यु के भय से अधिक मरते हैं। हालांकी शनिदेव शीघ्र प्रसन्न हो जाने वाले देव हैं। शनि कि भक्ति शारीरिक, पारिवारिक, सामाजिक, मानसिक, आर्थिक, प्रशासनिक समस्याओं की पीड़ा का हरण करती है।
 
विधि-विधान से शनिदेव की पूजा करने से जीव का कल्याण होता है तथा उसके सभी कष्ट दूर होते हैं। शनिवार को नित्य कार्यों से निवृत्त होकर सबसे पहले अपने इष्टदेव, गुरु और माता-पिता का आशीर्वाद लें। सूर्य आदि नवग्रहों को नमस्कार करते हुए श्रीगणेश भगवान का पंचोपचार (स्नान, वस्त्र, चंदन, फूल, धूप-दीप) पूजन करें। फिर शनिदेव का पूजन आरंभ करें।
 
1) आसनं समर्पयामि: आसन दीजिए
 
2) पाद्य समर्पयामि: चरणों में जल अर्पित कीजिए
 
3) अर्ध्य समर्पयामि : जल छोड़ीए
 
4) आचमनीय समर्पयामि : जल पुनः पीजिए
 
5) स्नान समर्पयामि: स्नान के लिए जल समर्पित कीजिए
 
6) वस्त्रां समर्पयामि : काला कपड़ा भेंट कीजिए
 
7) गंध समर्पयामि: सुगंधी सामग्री भेंट कीजिए
 
8) पुष्प्माल्याम समर्पयामि: पुष्पमाला चढ़ा दीजिए
 
9) धूपं समर्पयामि: अगरबत्ती जलाईए
 
10) दीपं समर्पयामि: दीपक जलाईए
 
11) अक्षतं समर्पयामि: चावल समर्पित कीजिए
 
12) नैवैद्य समर्पयामि : काले तिल का भोग लगाईए
 
13) दक्षिणा समर्पयामि: दक्षिणा चढ़ाईए
 
14) नमस्कारम् करोमि: प्रणाम कीजिए
 

(साभार शनिदेव डॉट कॉम) 

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!