Edited By Sarita Thapa,Updated: 31 Oct, 2026 01:58 PM

ब्रजभूमि में राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का विशेष महत्व है। यहां स्थित राधा कुंड को बहुत पवित्र तीर्थ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर राधा कुंड में स्नान करने और राधा रानी की पूजा...
Radha Kund Snan 2026 : ब्रजभूमि में राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का विशेष महत्व है। यहां स्थित राधा कुंड को बहुत पवित्र तीर्थ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर राधा कुंड में स्नान करने और राधा रानी की पूजा करने से भक्तों को पुण्य फल की प्राप्त होता है। इस दिन देशभर से श्रद्धालु गोवर्धन पहुंचकर राधा रानी और बांके बिहारी का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं। माना जाता है कि इस पावन अवसर पर राधा रानी को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। तो आइए जानते हैं कि इस दिन राधा रानी को कौन सी चीजें अर्पित करना शुभ माना जाता है।
राधा रानी को अर्पित करें ये प्रिय चीजें
लाल और गुलाबी फूल
राधा रानी की पूजा में लाल और गुलाबी फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार गुलाब और अन्य सुगंधित पुष्प चढ़ा सकते हैं। फूलों की माला अर्पित करके राधा रानी से प्रेम, सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
माखन-मिश्री का भोग
भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री अत्यंत प्रिय माना जाता है। राधा-कृष्ण की पूजा में भी इसे भोग के रूप में अर्पित किया जाता है। भोग लगाते समय राधा-कृष्ण के नाम का स्मरण करें और परिवार की खुशहाली की कामना करें।
सफेद पेठा या कूष्मांड
राधा कुंड स्नान की परंपरा में सफेद कच्चा पेठा यानी कूष्मांड अर्पित करने का विशेष महत्व बताया जाता है। कई श्रद्धालु इसे लाल वस्त्र में सजाकर राधा रानी को अर्पित करते हैं। यह परंपरा विशेष रूप से संतान सुख की कामना से जुड़ी मानी जाती है।
तुलसी दल
भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी का विशेष स्थान है। राधा-कृष्ण के चरणों में तुलसी दल अर्पित करके भक्त श्रद्धापूर्वक प्रार्थना कर सकते हैं। तुलसी अर्पित करते समय पवित्रता और भक्ति भाव बनाए रखना चाहिए।
मिठाई और फल
राधा रानी को प्रसन्न करने के लिए पूजा में ताजे फल और सात्विक मिठाइयों का भोग लगाया जा सकता है। भोग के बाद प्रसाद परिवार और अन्य श्रद्धालुओं में बांटना शुभ माना जाता है।
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