नवरात्र: दूसरे दिन हुई मां ब्रह्मचारिणी की पूजा

Edited By Updated: 24 Sep, 2025 07:44 AM

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नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई। मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान और तप की देवी माना जाता है। उनकी उपासना से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ की गई। मां ब्रह्मचारिणी को ज्ञान और तप की देवी माना जाता है। उनकी उपासना से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। खास तौर पर विद्यार्थियों के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना जाता है। राजधानी दिल्ली के प्रमुख मंदिरों में मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। झंडेवालान देवी मंदिर, छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी देवी पीठ व कालकाजी मंदिर में भक्तों की कतारें सुबह से ही दिखाई दीं। माता रानी के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

झंडेवालान मंदिर में सुबह 4 बजे से ही दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। खासतौर पर युवाओं में काफी उत्साह देखा गया। हर आयु वर्ग के लोग अपनी-अपनी मनोकामनाएं लेकर माता के दरबार में पहुंच रहे हैं। हिंदू धर्म में नवरात्र के नौ दिन अत्यंत पावन माने जाते हैं। कोई नौ दिन का व्रत करता है तो कोई पहले और अंतिम दिन उपवास रखता है। श्रद्धालु मां ब्रह्मचारिणी से सुख-समृद्धि और ज्ञान की कामना करते हैं।

आज मां चंद्रघंटा की पूजा: नवरात्र के तीसरे दिन देवी दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। इस दिन देवी के साधक जप, व्रत आदि नियमों का पालन करते हुए मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा करते हैं। देवी चंद्रघंटा के माथे पर आधे चंद्रमा के आकार का घंटा लटका है, इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। देवी चंद्रघंटा का स्वरूप मनोरम और शांतिप्रद है। मां चंद्रघंटा की नवरात्र के तीसरे दिन पूजा करने से व्यक्ति को दिव्य वस्तुओं की प्राप्ति होती है।

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