Edited By Niyati Bhandari,Updated: 10 Jul, 2023 07:26 AM

जम्मू (संजीव): जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह भूस्खलन की घटनाओं के चलते रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जम्मू से श्री अमरनाथ यात्रियों
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जम्मू (संजीव): जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह भूस्खलन की घटनाओं के चलते रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जम्मू से श्री अमरनाथ यात्रियों का जत्था रवाना नहीं हो पाया। ऐसे में जम्मू में अमरनाथ यात्रियों की संख्या काफी बढ़ गई है। प्रशासन ने यात्री निवास और धर्मशालाओं समेत 32 स्थानों पर तीर्थ यात्रियों को ठहराया हुआ है।
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हालांकि मौसम में सुधार आने पर पहलगाम और बालटाल आधार शिविरों में ठहराए गए तीर्थ यात्रियों को पवित्र गुफा की तरफ रवाना किया गया है। 2 दिन से यात्रा को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिलने की वजह से बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों में ही करीब 20,000 तीर्थ यात्री रुके हुए थे। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग में रामबन और बनिहाल में कई स्थानों पर लगातार तीसरे दिन भी भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा। ऐसे में बड़ी संख्या में वाहन और यात्री बीच रास्ते में ही रुके हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब हालत को देखते हुए प्रशासन ने जम्मू-श्रीनगर के पुराने मार्ग को खोलने के प्रयास तेज करने के अलावा राजौरी और पुंछ जिलों में कश्मीर से जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग मुगल रोड को भी यातायात के लिए बहाल किया है ताकि अगर जरूरत पड़े तो मुगल रोड के माध्यम से भी श्री अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को रवाना किया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार जम्मू से यात्रा को कोई नया जत्था रवाना न होने की वजह से जम्मू में करीब 10,000 तीर्थ यात्री रुके हुए हैं। इन यात्रियों के ठहरने और खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था 32 स्थानों पर की गई है। उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर में रविवार दोपहर बाद मौसम में काफी सुधार आया है। ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि सोमवार को जम्मू से तीर्थ यात्रियों के जत्थे को पहलगाम और बालटाल के लिए रवाना किया जाएगा।
