Edited By Jyoti,Updated: 25 Apr, 2019 06:29 PM

आप में से कई लोगों ने सुना होगा कि कुछ लोग कुछ चीज़ों को अपना लकी-चार्म समझते हैं। मतलब उन्हें लगता है कि उनकी वो लकी-चार्म ही उनके जीवन की सफलता का कारण है।
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आप में से बहुत से लोगों ने सुना होगा कि कई लोग कुछ चीज़ों को अपना लकी-चार्म समझते हैं। मतलब उन्हें लगता है कि उनका वो लकी-चार्म ही उनके जीवन की सफलता का कारण है। जिस कारण वे उसे हमेशा अपने पास रखना चाहते हैं ताकि उनके जीवन में हमेशा के लिए सब अच्छा ही हो। अब आप में से आधे लोग तो यही सोचेंगे कि ये सब मन का वहम होता है, असल में ऐसा कुछ नहीं होता। परंतु अगर ज्योतिष की मानें तो ऐसी कुछ चीज़ें होती हैं जो हमारे जीवन पर अच्छा प्रभाव डालती है।

ऐसी ही एक चीज़ है भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के पास। जिसे वे किसी करिश्मे से कम नहीं मानते। बता दें कि इस बात का जिक्र खुद मोदी जी ने वाराणसी में नामांकन प्रक्रिया के दौरान किया कि उनके पास एक ऐसी कलम है जो किस्मत चमकाने वाली है। अन्य वेबसाईट्स के मुताबिक 24 अप्रैल को नामांकन के लिए पी.एम मोदी वाराणसी कचहरी पहुंचे थे। जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि जिस पेन से उन्होंने उम्मीदवारी के फॉर्म पर दस्तखत किए हैं, वह उनके लिए काफी लकी है।
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संत ने दी थी आशीर्वाद में पेन
पी.एम. मोदी ने पेन का जिक्र करते हुए बताया कि साल 2001 में उनकी मुलाकात एक संत से हुई थी। जिन्होंने पी.एम. मोदी को स्टील का एक बॉल पेन आशीर्वाद के तौर पर देते हुए कहा कि तुम जिस भी कागज़ात पर इस पेन से दस्तखत करोगे, उस काम में तुम्हें सफलता अवश्य मिलेगी। जानकारी के लिए बता दें कि उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल थे, जिनके करीबियों में मोदी जी भी एक थे। मगर संत की मुलाकात के बाद अक्टूबर 2001 में केशुभाई पटेल को इस्तीफा देना पड़ा। जिसके बाद पी.एम मोदी का ध्यान इस चमत्कारी पेन की तरफ़ गया।

पहली बार गुजरात का सीएम बनने के ठीक एक साल बाद दिसंबर 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने नामांकन पत्र पर इसी पेन से दस्तखत किए। चुनाव के बाद वह सर्वसम्मति विधायक दल के नेता चुने गए और मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके बाद साल 2007 और उसके बाद 2012 में गुजरात विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने इसी पेन से अपने नामांकन पत्र पर दस्तखत किए। इसके बाद जो हुआ उससे कोई अंजान नहीं है। वो देश के प्रधानमंत्री बने और इसकी सेवी में जुट गए।
खास जगहों पर ही करते हैं इस पेन का इस्तेमाल
नरेंद्र मोदी बताते हैं कि इस चमत्कारी पेन को वह हर जगह इस्तेमाल नहीं करते। वे केवल किसी बहुत महत्वपूर्ण कागजात पर इस पेन से हस्ताक्षर करते हैं।