UNGA: निज्जर की हत्या को लेकर कनाडा के साथ हुआ पाकिस्तान, आतंकी की हत्या को बताया दुर्भाग्यपूर्ण

Edited By Updated: 23 Sep, 2023 09:37 AM

pakistan prime minister anwar ul haq kakar jammu and kashmir

पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकड़ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र (संरा) महासभा में अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नयी दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच शांति के लिए कश्मीर अहम है। वहीं खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप...

संयुक्त राष्ट्र:  पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवर उल हक काकड़ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र (संरा) महासभा में अपने संबोधन में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नयी दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच शांति के लिए कश्मीर अहम है। वहीं खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मुद्दे पर कनाडा का पक्ष लेते हुए  निज्जर की हत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि यह हिंदुत्व के विचारकों का कृत्य है। 

पाकिस्तान और भारत के बीच शांति के लिए कश्मीर अहम
पाकिस्तान, बैठकों में चर्चा के एजेंडे और विषय की परवाह किए बिना लगातार संरा के विभिन्न मंचों पर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाता रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र की आम बहस के दौरान काकड़ ने कहा कि पाकिस्तान, भारत सहित अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण और उपयोगी संबंध चाहता है। उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान और भारत के बीच शांति के लिए कश्मीर अहम है।'' 

उन्होंने कहा, ''विकास, शांति पर निर्भर करता है। पाकिस्तान आर्थिक रूप से दुनिया के सबसे कम विकसित क्षेत्र में स्थित है और हमारा मानना है कि क्षेत्र एक साथ विकसित होता है, इसलिए भारत सहित अपने सभी पड़ोसियों के साथ पाकिस्तान शांतिपूर्ण और उपयोगी संबंध बनाना चाहता है।'' काकड़ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को कश्मीर पर अपने प्रस्तावों के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) को 'मजबूत' किया जाना चाहिए।    

इसके साथ ही काकर ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में कश्मीर का राग अलापते हुए  दावा किया कि  'भारत सुरक्षा परिषद के उन प्रस्तावों को लागू करने से बचता रहा है जिसमें कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर के अंतिम फैसले का फैसला वहां के लोगों द्वारा संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में जनमत संग्रह के जरिए किया जाए। अगस्त 2019 के बाद से, भारत ने कश्मीर के लिए अंतिम समाधान को लागू करने के लिए अवैध रूप से कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में 900,000 सैनिकों को तैनात किया है।'

अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने के भारत सरकार के फैसले के बाद इमरान खान के नेतृत्व वाली तत्कालीन पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद में भारत के राजदूत को निष्कासित कर दिया और द्विपक्षीय व्यापार को रोक दिया। 
 

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