Edited By Tanuja,Updated: 21 May, 2025 07:45 PM

अमेरिका ने रूस को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर वह यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए शांति वार्ता की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता, तो उस पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे...
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International Desk: अमेरिका ने रूस को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर वह यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए शांति वार्ता की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता, तो उस पर नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे । यह बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सीनेट की विदेश मामलों की समिति के समक्ष दिया। रुबियो ने कहा, “हमें संकेत मिले हैं कि रूस युद्धविराम के लिए अपनी शर्तों को लिखित रूप में तैयार कर रहा है, जिससे आगे की बातचीत का रास्ता खुल सकता है। हम उन प्रस्तावों का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पुतिन के असली इरादे सामने आ सकें।”
रूस अगर टाल-मटोल करेगा तो कार्रवाई तय
जब रुबियो से पूछा गया कि अगर रूस शांति प्रक्रिया को नजरअंदाज करता है तो क्या अमेरिका उस पर और प्रतिबंध लगाएगा, उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “अगर यह साबित हो गया कि रूस सिर्फ युद्ध जारी रखना चाहता है और वार्ता में रुचि नहीं है, तो नए प्रतिबंध ही हमारा अगला कदम होंगे।”
राष्ट्रपति ट्रंप फिलहाल संयम बरत रहे
रुबियो ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी किसी भी तरह की प्रतिबंध की धमकी से बचना चाहते हैं, ताकि कूटनीतिक वार्ता पर असर न पड़े। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति मानते हैं कि अगर हम पहले ही धमकी देना शुरू करें, तो रूस वार्ता से पीछे हट सकता है।”
पुतिन-ट्रंप की दो घंटे की अहम बातचीत
रुबियो ने खुलासा किया कि हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन के बीच दो घंटे लंबी फोन कॉल हुई है। इस बातचीत के बाद रूस और यूक्रेन ने तत्काल युद्धविराम और शांति वार्ता शुरू करने पर सहमति जताई है।
वेटिकन करेगा शांति वार्ता की मेज़बानी
इस बीच वेटिकन ने नई पहल करते हुए कहा है कि वह इन संभावित वार्ताओं की मेज़बानी करने को तैयार है। नव-निर्वाचित पोप लियो XIV इसके लिए तैयार हैं। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब इस्तांबुल में पिछली वार्ता असफल रही थी, हालांकि रूस और यूक्रेन ने कैदियों की अदला-बदली पर समझौता कर लिया था।
नजरें पुतिन के अगले कदम पर
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुतिन वास्तव में शांति के प्रस्तावों को आगे बढ़ाते हैं या युद्ध को खींचते हैं। अमेरिका ने संकेत दे दिया है *अगर शांति की दिशा में ईमानदारी नहीं दिखाई गई, तो दबाव और बढ़ेगा।