एक साल के लिए बेडरूम में बंद हुआ शख्स, अंदर करता रहता...

Edited By Updated: 04 Feb, 2026 09:14 PM

a 49 year old man locked himself in a room to change himself

बेहतर जीवनशैली की तलाश में लोग जिम, डाइट और मेडिटेशन का सहारा लेते हैं, लेकिन अमेरिका के यूटा राज्य में रहने वाले एक व्यक्ति ने खुद को बदलने के लिए बेहद असामान्य रास्ता चुना है। 49 वर्षीय स्किप बॉयस ने फैसला किया है कि वह पूरे एक साल तक अपने बेडरूम...

नेशनल डेस्क : बेहतर जीवनशैली की तलाश में लोग जिम, डाइट और मेडिटेशन का सहारा लेते हैं, लेकिन अमेरिका के यूटा राज्य में रहने वाले एक व्यक्ति ने खुद को बदलने के लिए बेहद असामान्य रास्ता चुना है। 49 वर्षीय स्किप बॉयस ने फैसला किया है कि वह पूरे एक साल तक अपने बेडरूम से बाहर कदम नहीं रखेंगे और बाहरी दुनिया से किसी भी तरह का संपर्क नहीं रखेंगे।

10 जनवरी को स्किप ने अपनी पत्नी और बेटी को अलविदा कहा, अपने कमरे का दरवाजा बंद किया और अपने इस अनोखे प्रयोग की शुरुआत की, जिसे उन्होंने “एकांतवास का वर्ष” नाम दिया है। उनका इरादा 365 दिनों तक उसी कमरे में रहने का है। इस पूरे सफर को वह बिना रुके यूट्यूब पर लाइव स्ट्रीम कर रहे हैं।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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चार दीवारों के भीतर गुजरती जिंदगी

स्किप बॉयस के मुताबिक, इस प्रयोग का सबसे सख्त नियम है कि वह किसी भी हाल में कमरे से बाहर नहीं निकलेंगे। लाइव कैमरा 24 घंटे चालू रहेगा और बाहर से कोई मनोरंजन या बातचीत का जरिया अंदर नहीं आएगा। कमरे के अंदर वह रोजमर्रा के सारे काम करते हैं- सोना, व्यायाम करना, पढ़ना, लिखना और आत्मचिंतन। जो कुछ भी उनके साथ हो रहा है, वह सब दर्शकों के सामने खुला है।

स्किप का कहना है कि उनका कमरा घर के बाकी हिस्सों से पूरी तरह अलग है और इसमें रहने के लिए जरूरी सभी सुविधाएं मौजूद हैं। इसमें बाथरूम, शॉवर, एक छोटा सा जिम, अलमारियां और लाइव स्ट्रीमिंग के लिए तकनीकी सेटअप शामिल है।

लाइव कैमरा, ताकि पीछे हटने का रास्ता न रहे

स्किप मानते हैं कि लगातार लाइव स्ट्रीमिंग उन्हें ईमानदार बनाए रखती है। उनके अनुसार, कैमरे की मौजूदगी किसी भी वक्त बीच में प्रयोग छोड़ने या बाद में कहानी बदलने की गुंजाइश खत्म कर देती है। उन्होंने बताया कि यह कदम सुर्खियां बटोरने के लिए नहीं उठाया गया। “मैं लगातार बाहरी उत्तेजनाओं से दूरी बनाना चाहता था, ताकि अनुशासन दोबारा कायम कर सकूं और अपनी सेहत, फोकस और जवाबदेही से जुड़ी आदतों को फिर से मजबूत कर सकूं,” स्किप ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ बुरी आदतें छोड़ना उनकी उम्मीद से आसान रहा, जैसे कोल्ड ड्रिंक पीना पूरी तरह बंद कर देना।

शुरुआती हफ्तों में दिखे बदलाव

करीब तीन हफ्ते पूरे होने पर स्किप का दावा है कि उन्हें अपनी दिनचर्या में सकारात्मक असर नजर आने लगा है। वह पहले से ज्यादा एक्सरसाइज कर रहे हैं, बेहतर खाना खा रहे हैं और मानसिक रूप से खुद को अधिक संतुलित महसूस कर रहे हैं।

हालांकि, विशेषज्ञों और सोशल मीडिया यूजर्स का एक वर्ग इस प्रयोग को लेकर आशंकित भी है। उनका कहना है कि लंबे समय तक सामाजिक संपर्क से दूरी मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है। फिलहाल, स्किप बॉयस का यह “एकांतवास का वर्ष” प्रयोग दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है- कुछ इसे आत्म-सुधार की मिसाल मान रहे हैं, तो कुछ इसे जोखिम भरा सामाजिक प्रयोग बता रहे हैं।

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