Edited By Anu Malhotra,Updated: 02 May, 2025 09:33 AM

अगर शादी में दुल्हन को सोना, नकद या कीमती सामान मिला है-तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और मिसाल कायम करने वाले फैसले में साफ कर दिया है कि विवाह के समय महिला को जो संपत्ति दी जाती है, वह केवल उसी की होती है। इस पर पति...
नेशनल डेस्क: अगर शादी में दुल्हन को सोना, नकद या कीमती सामान मिला है-तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और मिसाल कायम करने वाले फैसले में साफ कर दिया है कि विवाह के समय महिला को जो संपत्ति दी जाती है, वह केवल उसी की होती है। इस पर पति या ससुराल पक्ष का कोई दावा नहीं बनता, चाहे शादी टूटी हो या रिश्ते में दरार आ गई हो।
कोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट की बेंच ने यह फैसला एक तलाकशुदा महिला के मामले में सुनाया, जिसमें उसने शादी के समय मिले गहनों और कैश को वापस दिलाने की मांग की थी। कोर्ट ने माना कि यह संपत्ति स्त्रीधन की श्रेणी में आती है-जिसका अर्थ है महिला की व्यक्तिगत संपत्ति। कोर्ट ने दो टूक कहा कि यह महिला की संपत्ति है, और तलाक के बाद भी उसे पूरा हक है कि वह अपना सोना और नकद वापस ले।
स्त्रीधन क्या है?
-स्त्रीधन वो संपत्ति होती है जो किसी महिला को शादी, उपहार या पारिवारिक समारोह में दी जाती है।
-इसमें गहने, नकदी, चल-अचल संपत्ति शामिल हो सकती है।
-इसका स्वामित्व पूरी तरह से महिला का होता है, और कोई भी-यहां तक कि पति भी-इस पर दावा नहीं कर सकता।
फैसले का महत्व
इस फैसले ने न सिर्फ महिला के अधिकार को मज़बूती दी है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि तलाक के बाद भी ससुराल पक्ष स्त्रीधन नहीं रख सकते। ऐसा करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि अगर स्त्रीधन लौटाया नहीं गया, तो महिला न्यायालय से मदद लेने की पूरी हकदार है।