Edited By Seema Sharma,Updated: 31 Aug, 2023 12:10 PM

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अनुच्छेद 370 (Article 370) पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से बड़ा बयान दिया गया है। केंद्र ने कोर्ट में कहा कि जम्मू-कश्मीर में किसी भी समय चुनाव हो सकते हैं, फैसला निर्वाचन आयोग, राज्य चुनाव इकाई पर निर्भर...
नेशनल डेस्क: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में अनुच्छेद 370 (Article 370) पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से बड़ा बयान दिया गया है। केंद्र ने कोर्ट में कहा कि जम्मू-कश्मीर में किसी भी समय चुनाव हो सकते हैं, फैसला निर्वाचन आयोग, राज्य चुनाव इकाई पर निर्भर करता है। केंद्र ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया जारी है, इसे पूरा होने में एक महीने का समय लगेगा। सरकार की तरफ से कहा गया कि केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने में कुछ समय लगेगा।
केंद्र ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में तीन चुनाव बाकी हैं। जैसे ही पहला त्रिस्तरीय पंचायती राज सिस्टम लाया जाएगा, वैसे ही पहले चुनाव पंचायत के होंगे। सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव तीन स्तरों पर होंगे - पहला पंचायत स्तर पर, दूसरा नगर निकाय और फिर विधानसभा चुनाव। लद्दाख पर्वतीय विकास परिषद, लेह के चुनाव संपन्न, करगिल में अगले महीने चुनाव होंगे। केंद्र ने शीर्ष अदालत से कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब तक आतंकी घटनाओं में 2018 की तुलना में 45.2 प्रतिशत की कमी आई है, घुसपैठ 90.2 प्रतिशत कम हुई है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक नेता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने आतंकवाद से संबंधित घटनाओं पर केंद्र के आंकड़ों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिकॉर्ड में लिए जाने पर आपत्ति जताई। इस पर चीफ जस्टिस ने सिब्बल को आश्वासन दिया कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी घटनाओं पर केंद्र के आंकड़े न्यायालय द्वारा देखे जा रहे अनुच्छेद 370 के संवैधानिक मुद्दे को प्रभावित नहीं करेंगे।