Edited By Sahil Kumar,Updated: 14 Oct, 2025 08:47 PM

सोने की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी देखी जा रही है और विशेषज्ञों का मानना है कि यह रफ्तार अभी शुरू ही हुई है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक सोने की कीमतों में लगभग 50% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहली बार यह कीमती धातु 4,000 डॉलर प्रति औंस के...
नेशनल डेस्कः सोने की कीमतों में ऐतिहासिक तेजी देखी जा रही है और विशेषज्ञों का मानना है कि यह रफ्तार अभी शुरू ही हुई है। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक सोने की कीमतों में लगभग 50% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पहली बार यह कीमती धातु 4,000 डॉलर प्रति औंस के पार गई है और यदि यही रफ्तार बनी रही, तो 2028 तक इसमें 150% तक की और तेजी देखी जा सकती है।
ट्रंप के नए टैरिफ के बाद बढ़ी मांग
फॉर्च्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस तेजी का एक प्रमुख कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर 100% अतिरिक्त टैरिफ लगाने और अमेरिकी सॉफ्टवेयर निर्यात पर नई सीमाएं लागू करने की योजना है। इस घोषणा के बाद अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो अप्रैल में शुरू हुए व्यापार युद्ध के बाद सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। डॉलर की कमजोरी के साथ ही सोने की कीमतों में 1.5% का इजाफा हुआ, जिससे निवेशकों का रुझान जोखिम वाली संपत्तियों से हटकर सोने जैसे सुरक्षित विकल्प की ओर बढ़ा।
10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं
बाजार विश्लेषक और यार्डेनी रिसर्च के प्रमुख एड यार्डेनी का अनुमान है कि सोने की कीमतें 2026 तक 5,000 डॉलर और 2028 के अंत तक 10,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। यार्डेनी का मानना है कि यह वृद्धि केवल मुद्रास्फीति से बचाव नहीं, बल्कि अमेरिकी डॉलर की गिरती साख, रूस पर पश्चिमी प्रतिबंध, चीन में रियल एस्टेट मंदी और ट्रंप शासन के संभावित व्यापार तनाव जैसे कई कारकों का संयुक्त परिणाम है।
फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती
सोने की हालिया तेजी को फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की नीति से भी समर्थन मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, अब फेड की प्राथमिकता मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने की बजाय रोजगार में स्थिरता लाना हो गई है। यह कदम निवेशकों में दीर्घकालिक मूल्य स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा रहा है, जिससे कीमती धातुओं में निवेश की मांग और बढ़ी है।