Edited By Anu Malhotra,Updated: 21 May, 2025 02:01 PM

कानपुर अब अमेरिका और लंदन जैसे स्मार्ट शहरों की तर्ज पर नया डिजिटल बदलाव देखने को तैयार है। सरकार ने क्यूआर कोड के जरिए हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स का भुगतान घर बैठे ही आसान बनाने के लिए एक नई योजना शुरू की है। इस पहल के तहत, शहर के हर घर...
नेशनल डेस्क: कानपुर अब अमेरिका और लंदन जैसे स्मार्ट शहरों की तर्ज पर नया डिजिटल बदलाव देखने को तैयार है। सरकार ने क्यूआर कोड के जरिए हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स का भुगतान घर बैठे ही आसान बनाने के लिए एक नई योजना शुरू की है। इस पहल के तहत, शहर के हर घर के बाहर क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिससे लोग पुराने तरीके से नगर निगम जाने के बजाय, अपने स्मार्टफोन से ही एक स्कैन में टैक्स भर सकेंगे। अब कानपुरवासियों को राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें लंबी लाइनें और दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
कैसे काम करेगा ये नया सिस्टम?
कानपुर नगर निगम ने शहर के लगभग 5 लाख घरों के बाहर Unique QR code लगाने की शुरुआत की है। इस क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही उपभोक्ताओं को हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स की डिटेल्स दिखेंगी और वहीं से ऑनलाइन पेमेंट भी किया जा सकेगा। यानी न कोई लाइन, न किसी कर्मचारी से मिलना – सब कुछ स्मार्टफोन से मिनटों में।
पूरे शहर में लागू हो रही है योजना
नगर आयुक्त सुधीर कुमार के मुताबिक, इस योजना को 110 वार्डों में लागू किया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम ने कुछ प्रमुख प्राइवेट बैंकों से साझेदारी की है, जो इस डिजिटल भुगतान प्रणाली को सुगम और सुरक्षित बनाएंगे।
सफाई व्यवस्था भी होगी हाईटेक
सिर्फ टैक्स भुगतान ही नहीं, नगर निगम अब कचरा प्रबंधन को भी टेक्नोलॉजी से जोड़ने जा रहा है। अलग क्यूआर कोड्स हर मोहल्ले में लगाए जाएंगे, जिन्हें कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों के ड्राइवर स्कैन करेंगे। इससे कंट्रोल रूम को रीयल-टाइम अपडेट मिलेगा कि कहाँ से कचरा उठाया गया और कहाँ नहीं। इससे सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और लापरवाही की शिकायतें भी घटेंगी।
आम नागरिकों को क्या करना होगा?
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को बस अपने घर के बाहर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। इसके बाद उनका संबंधित टैक्स बिल मोबाइल स्क्रीन पर दिखेगा और वह वहीं से डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। न कोई एप्लिकेशन डाउनलोड करने की ज़रूरत, न कोई अतिरिक्त झंझट।
क्या होंगे इस कदम के फायदे?
- समय और मेहनत दोनों की बचत
- पूरे सिस्टम में पारदर्शिता
-डिजिटल पेमेंट से आसान ट्रैकिंग
- सफाई व्यवस्था की निगरानी आसान
- नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार