Mahakumbh 2025: जिंदा बेटी का होगा पिंडदान; महाकुंभ से पहले दंपत्ति ने अपनी 13 वर्षीय बेटी को कर दिया दान, बनेगी साध्वी

Edited By Updated: 08 Jan, 2025 11:02 AM

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उत्तर प्रदेश के आगरा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक दंपत्ति ने अपनी 13 साल की बेटी को जूना अखाड़े को दान कर दिया है। इसके बाद बच्ची को साध्वी बनाया जाएगा। यह घटना महाकुंभ मेला से जुड़ी हुई है जहां लाखों श्रद्धालु शिरकत करने के लिए आते...

नेशनल डेस्क। उत्तर प्रदेश के आगरा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक दंपत्ति ने अपनी 13 साल की बेटी को जूना अखाड़े को दान कर दिया है। इसके बाद बच्ची को साध्वी बनाया जाएगा। यह घटना महाकुंभ मेला से जुड़ी हुई है जहां लाखों श्रद्धालु शिरकत करने के लिए आते हैं।

कौन हैं यह दंपत्ति?

आगरा जिले के थाना बमरौली कटारा क्षेत्र के गांव तर्र्कपुर के रहने वाले संदीप सिंह जो एक पेठा व्यापारी हैं और उनकी पत्नी रीमा जो गृहणी हैं की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी राखी की उम्र 13 साल है और वह स्प्रिंगफील्ड इंटर कॉलेज में कक्षा 9 की छात्रा हैं।

क्यों किया बेटी को दान?

रीमा के अनुसार राखी ने कुछ समय पहले साध्वी बनने की इच्छा जताई थी। परिवार महाकुंभ मेला क्षेत्र में गया था जहां गुरु कौशल गिरी के सान्निध्य में राखी ने अपनी इच्छा जाहिर की। इसके बाद दंपत्ति ने अपनी बेटी राखी को जूना अखाड़े को दान कर दिया।

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राखी का नाम बदलकर गौरी रखा गया

गंगा स्नान के बाद 19 जनवरी को राखी का पिंडदान किया जाएगा। उस दिन सभी धार्मिक संस्कार पूरे किए जाएंगे। इसके बाद राखी को गौरी के नाम से जाना जाएगा। अब वह गुरु के परिवार का हिस्सा बन जाएगी और उसका मूल परिवार उससे अलग हो जाएगा।

राखी का स्कूल में प्रदर्शन

राखी को स्कूल में एक मेधावी छात्रा के रूप में जाना जाता था। वह पढ़ाई में अव्‍ल रही हैं और पूजा-अर्चना में भी पूरी श्रद्धा से लगी रहती थी। नवरात्रि के दौरान राखी घर से स्कूल तक बिना जूते-चप्पल पहने पैदल आती थी। आध्यात्मिक विषयों में वह अपनी सहेलियों से अलग थी।

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जूना अखाड़ा के संत कौशल गिरी की प्रतिक्रिया

जूना अखाड़ा के संत कौशल गिरी ने इस निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सनातन धर्म का प्रचार है और दंपत्ति का यह कदम बहुत ही विशेष है जो हर कोई नहीं कर सकता।

यह घटना महाकुंभ की तैयारियों से जुड़ी हुई है जो इस समय प्रयागराज में आयोजित हो रहा है। इस धार्मिक आयोजन में लाखों लोग हिस्सा लेने के लिए पहुंचते हैं और यह समय उनके जीवन के महत्वपूर्ण पल होते हैं।

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