Edited By Radhika,Updated: 07 Jun, 2025 01:51 PM

पुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर हजरतबल दरगाह में नमाज अदा करने के बाद उन्होंने मीडिया से बात की।
नेशनल डेस्क: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर हजरतबल दरगाह में नमाज अदा करने के बाद उन्होंने मीडिया से बात की। महबूबा मुफ्ती ने विशेष रूप से फिलिस्तीन में मुसलमानों पर हो रहे कथित अत्याचारों का जिक्र करते हुए उनके लिए इस जुल्म से निजात मिलने की दुआ मांगी। इस दौरान उनकी बेटी और पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती भी उनके साथ मौजूद थीं।
फिलिस्तीन की आजादी और जामा मस्जिद में नमाज पर सरकार को घेरा-
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्होंने फिलिस्तीन के लोगों की भलाई और इजरायल द्वारा किए जा रहे अत्याचारों से उनकी शीघ्र मुक्ति के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने इस बात पर भी नाराजगी व्यक्त की कि सरकार ने इस पवित्र दिन पर श्रीनगर की जामा मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी और मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार सब कुछ देख रही है लेकिन कुछ नहीं कर रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
कश्मीरी पंडितों और बेगुनाह कैदियों के मुद्दे पर भी मुखर-
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती केंद्र और राज्य सरकारों पर लगातार हमलावर रही हैं। हाल ही में उन्होंने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर कश्मीरी पंडितों की घाटी में सुरक्षित वापसी और अमरनाथ यात्रा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की थी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि कश्मीरी पंडितों के बिना कोई भी राजनीतिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती। इसके साथ ही उन्होंने मांग की थी कि जिन बेगुनाह कश्मीरी मुसलमानों को जेलों में डाला गया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।
देशभर में मनाया गया ईद-उल-अजहा का जश्न-
एक ओर जहां राजनीतिक बयानबाजी जारी रही, वहीं पूरे देश में ईद-उल-अजहा का त्योहार धूमधाम और सद्भावना के साथ मनाया गया। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में भी लोगों ने मस्जिदों और प्रार्थना स्थलों में नमाज अदा की और परिवार तथा दोस्तों के साथ त्योहार का जश्न मनाया. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों सहित पूरे भारत में यह त्योहार एकजुटता के साथ मनाया गया।