Edited By Radhika,Updated: 17 Mar, 2026 01:17 PM

Middle East में गहराते ईरान संकट ने Global Supply Chain को हिलाकर रख दिया है। इस दौरान बढ़ रही कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत के कारण भारत में अगले महीने यानी 1 अप्रैल से रोजमर्रा के इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों से...
Electronics Price Hike: Middle East में गहराते ईरान संकट ने Global Supply Chain को हिलाकर रख दिया है। इस दौरान बढ़ रही कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते और लॉजिस्टिक्स की बढ़ती लागत के कारण भारत में अगले महीने यानी 1 अप्रैल से रोजमर्रा के इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों से लेकर लग्जरी कारों तक सब कुछ महंगा होने जा रहा है।
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किन उत्पादों पर कितना पड़ेगा असर
कंपनियों के मुताबिक इनपुट लागत में भारी बढ़ोतरी के कारण प्लास्टिक, रेजिन और पॉलिमर जैसी सामग्रियों की कीमतों में 20-25% की भारी तेजी आई है। माल ढुलाई की दरों में 10% तक की वृद्धि हुई है, वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया 2% कमजोर होने से आयात और महंगा हो गया है। ईरान संकट के कारण कंपनियां अब केवल 7 से 15 दिनों की स्टॉक योजना पर काम कर पा रही हैं। सप्लायर लंबी अवधि के अनुबंध (Contracts) करने से कतरा रहे हैं।
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ये कार कंपनियां भी करेंगी कीमतों में बढ़ोतरी
लग्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज और ऑडी ने पहले ही 2% की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। गोदरेज एंटरप्राइजेज और हायर इंडिया के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, कच्चे माल की कीमतों में लगातार अस्थिरता के कारण अब बोझ ग्राहकों पर डालना मजबूरी बन गया है। कुछ कंपनियां तो 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure) जैसे विशेष प्रावधानों का सहारा ले रही हैं ताकि आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस महंगाई के कारण सरकार द्वारा दी गई GST राहत का लाभ भी लगभग समाप्त हो सकता है।