Ganga Saptami: आज मिलेगी जाने-अनजाने हुए पापों से मुक्ति, पढ़ें पूरी Information

Edited By Updated: 27 Apr, 2023 07:24 AM

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हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल मां गंगा के निमित्त दो त्योहार मनाए जाते हैं। एक गंगा सप्तमी और दूसर गंगा दशहरा। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा

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Ganga Saptami: हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल मां गंगा के निमित्त दो त्योहार मनाए जाते हैं। एक गंगा सप्तमी और दूसर गंगा दशहरा। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा और वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी का पर्व मनाए जाने का विधान है। मान्यताओं के अनुसार आज के दिन गंगा सप्तमी पर मां गंगा ने स्वर्ग लोक से भगवान शिव की जटाओं में प्रवेश किया था। देवी गंगा की पूजा करने से व्यक्ति को समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है। तो आइए जानते हैं गंगा सप्तमी से जुड़ी मान्यताएं और किस तरह करें मां गंगा की पूजा।

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Why is the festival of Ganga Saptami celebrated क्यों मनाया जाता है गंगा सप्तमी का पर्व
आज का दिन मां गंगा के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार मां गंगा के अवतरण से जुड़ी बहुत सी कथाएं प्रचलित हैं। एक कथा के अनुसार गंगा का जन्म भगवान विष्णु के पैर के पसीने की बूंदों से हुआ था। दूसरी मान्यता के अनुसार ब्रह्माजी ने भगवान विष्णु के चरणों को धोया और उस जल को कमंडल में इकट्ठा कर लिया, जिससे मां गंगा का जन्म हुआ और इस वजह से मां गंगा को विष्णुपदी भी कहा जाता है। तीसरी मान्यता के अनुसार गंगा सप्तमी के दिन ब्रह्मलोक में रास करते हुए राधा-कृष्ण इतने लीन हो गए कि दोनों मिलकर जल बन गए। उसी जल को ब्रह्मा ने अपने कमंडल में जगह दी।

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Ganga saptami worship method गंगा सप्तमी पूजा विधि
गंगा सप्तमी के दिन गंगा में स्नान करना बहुत ही श्रेष्ठ माना जाता है लेकिन कई लोगों के लिए ऐसा करना संभव नहीं। अगर ऐसा नहीं कर सकते तो नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगा जल मिलाकर स्नान कर लें। ऐसा करने से जाने-अजनाने में हुए पाप धुल जाते हैं।
आज के दिन स्नान करते समय या फिर पूरे दिन में कभी भी मां गंगा के मंत्रों का जाप करें-
Maa Ganga mantra गंगा मंत्र : ॐ श्री गंगे नमः

गंगा सप्तमी के दिन तांबे के कलश में गंगा जल डालें, फिर इसमें थोड़ा सा पानी मिला लें। आम के पत्ते से छिंटे देते हुए इस जल को पूरे घर के कोने-कोने में छिड़कें। कहते हैं ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा तुरंत भाग जाती है और सकारात्मक ऊर्जा के प्रवोश होता है।

जिस घर में प्रतिदिन गंगा जल का छिड़काव किया जाता है, वहां का वास्तुदोष नष्ट हो जाता है।

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जिस घर में सदा गंगा जल रहता है, वहां दुख-दरिद्रता कभी प्रवेश नहीं कर पाते और सुख-समृद्धि का वास होता है।

सुबह घर के मुख्यद्वार पर गंगा जल का छिड़काव करने से घर के सभी सदस्य स्वस्थ और खुशहाल रहते हैं।

गंगा सप्तमी का दिन शिव जी को भी बहुत प्रिय है क्योंकि मां गंगा का जन्म हुआ था। ऐसे में दोनों को साथ में प्रसन्न करने के लिए एक लोटे में गंगाजल डालकर उसमें पांच बेलपत्र डाल लें और फिर शिवलिंग का अभिषेक करें। जो व्यक्ति आज के दिन ऐसा करता है, उसके वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहती हैं।

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