Edited By Niyati Bhandari,Updated: 03 Nov, 2022 07:14 AM

कोटवन कर्मन बॉर्डर पर बने हुए गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में गोपाष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। प्रातःकाल हवन पूजन
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Gau Seva Dham: कोटवन कर्मन बॉर्डर पर बने हुए गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में गोपाष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। प्रातःकाल हवन पूजन के साथ गौ माता की आरती उतारी गई। यहां भर्ती सभी गौवंश को सजाया गया। तत्पश्चात गौवंश के लिये विशाल छप्पन भोग का आयोजन किया गया। जिसमें गौमाता के लिये हरा चारा, गुड़, दालें, फल, मीठा दलिया, चोकर, चुनी आदि खाद्य समग्री का भोग लगाया गया।
बनाए गए 56 भोग को आसपास की समस्त गौशालों को भी पहुंचाया गया। इस अवसर पर गौ सेवा धाम की संचालिका देवी चित्रलेखा जी ने गोपाष्टमी का महत्व बताते हुए कहा कि इस शुभ दिन ही सर्वप्रथम बाल गोपाल ने गोचारण लीला की थी। तब से ही यह गौवंश को समर्पित उत्सव मनाया जाता है।
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गौ सेवा धाम के अध्यक्ष पं. टीकाराम स्वामी जी ने कहा कि गौ सेवा धाम में तो प्रत्येक दिवस ही गौवंश की सेवा सत्कार किया जाता है। यहां बीमार, लाचार, दुर्घटनाग्रस्त तथा असहाय गौवंश का निःशुल्क उपचार किया जाता है। गोपाष्टमी कार्यक्रम में गायों का सुंदर श्रृंगार, बाल गोपाल के स्वरूप और श्रीमद्भागवत कथा के पाठ से समस्त वातावरण दिव्य हो उठा।
गौ सेवा धाम में गोवंश हेतु सुविधाएं
देखरेख हेतु गौ सेवक
प्रशिक्षित चिकित्सक
पौष्टिक आहार
रहने हेतु अलग-अलग वार्ड
इस अवसर पर बाहर से आये श्रद्धालुओं ने गौमाता को अपने हाथों से हरा चारा खिलाकर पुण्य लाभ कमाया। वर्तमान में चल रही लम्पी बीमारी के बारे में हॉस्पिटल प्रशासन ने पशुपालकों से अनुरोध किया कि लम्पी ग्रस्त गोवंश को घरों से बाहर नहीं निकालें। अपितु उनका उचित उपचार कराएं। यह बीमारी मनुष्यों में नहीं फैलती है। लम्पी ग्रस्त गाय की साफ-सफाई तथा पौष्टिक आहार का विशेष ध्यान रखकर गायों को इस बीमारी से बचाया जा सकता है। समस्त गोपाष्टमी कार्यक्रम में गौसेवा धाम हॉस्पिटल कार्यकर्ता तथा आम जनमानस का पूर्ण सहयोग रहा।
