Edited By Niyati Bhandari,Updated: 20 Nov, 2023 09:01 AM

आज छठ पूजा के पवित्र पर्व के चलते 2 जिलों लुधियाना और जालंधर का पुलिस और एडमिनिस्ट्रेशन पूरी तरह से फेल साबित हुआ जिसका खमियाजा जनता को भुगतना पड़ा। दोनों जिलों के प्रशासन की तरफ से
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फिल्लौर (भाखड़ी): आज छठ पूजा के पवित्र पर्व के चलते 2 जिलों लुधियाना और जालंधर का पुलिस और एडमिनिस्ट्रेशन पूरी तरह से फेल साबित हुआ जिसका खमियाजा जनता को भुगतना पड़ा। दोनों जिलों के प्रशासन की तरफ से व्यवस्था न किए जाने के कारण नैशनल हाईवे पर 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जिसमें मरीजों को ले जा रहीं एम्बुलेंसे भी फंस गई और बसों व अपने निजी वाहनों से उतर कर लोग नजदीकी ढाबों पर शरण लेते दिखे।
शेरशाह सूरी नाम से मशहूर इस नैशनल हाईवे पर शाम 5 बजे सतलुज दरिया से जालंधर और लुधियाना की तरफ जाने वाले नैशनल मार्ग पर जाम लगना शुरू हुआ जो देखते ही देखते 20 किलोमीटर दूर दोनों तरफ पूरी तरह से लग गया। जाम में फंसे बड़े वाहन रास्ते में फुटपाथ से निकल कर दूसरी तरफ गलत दिशा में चलने शुरू हो गए। फिल्लौर और लाडोवाल पुलिस व स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के कंधों पर इन्हें रोकने की जिम्मेदारी थी लेकिन वह रविवार के चलते अपने घरों में आराम फरमाते दिखे और इसका खमियाजा जनता को भुगतना पड़ा जिनके चलते जाम लग गया और वह इसमें फंस कर रह गए। शाम 5 बजे शुरू हुआ यह जाम रात्रि 11 बजे तक लगा था। जब लोगों ने देखा कि अब जाम से छुटकारा नहीं मिलने वाला तो उन्होंने अपने वाहन हाईवे के बीच ही बंद कर दिए।
सतलुज दरिया पर 5 दिन से चल रही थी तैयारियां, प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान
सतलुज दरिया पर पिछले 5 दिनों से प्रबंधकों द्वारा छठ पूजा की तैयारियां की जा रही थीं। उसके बावजूद प्रशासन ने कोई तव्जो नहीं दी। दरिया पर 5 रोज से व्रत रखने वाले लोगों के लिए लंबे टैंट और उनके साथ आने वाले लोगों के लिए बकायदा खाने-पीने के स्टाल लगाए जाए रहे थे। आयोजक पी.के. मिश्रा, हरिवंश यादव ने बताया कि उन्होंने प्रशासन को अवगत करवाया था कि इस वर्ष दरिया पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या कई गुणा बढ़ सकती है जिसके चलते पुख्ता प्रबंध करवाए जाएं ताकि कोई अनहोनी घटना न हो जाए। इसके बावजूद दोनों जिलों की पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया।
पता चला है कि जाम में केवल आम जनता ही नहीं फंसी बल्कि छठ पूजा के इस पवित्र त्यौहार पर व्रत रखने वाली महिलाएं और पुरुष सूर्य छिपते ही दरिया पर पहुंचने शुरू हो जाते हैं जो पूरी रात दरिया के पानी में खड़े होकर अराधना करते हैं और प्रात: सूर्य की पहली किरण के साथ ही अपना व्रत खोलते हैं। यादव और मिश्रा ने बताया कि जो हालात हाईवे पर बने हैं उससे स्पष्ट है कि अब यह जाम प्रात: सूर्य निकलने से ही खत्म होगा।