Edited By Sarita Thapa,Updated: 30 Apr, 2025 03:12 PM

Motivational Story: किसी एक हितकारी चीज पर दृढ़ बने रहना, यह मन के भटकते रहने की अहितकारी आदत से अलग है।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Motivational Story: किसी एक हितकारी चीज पर दृढ़ बने रहना, यह मन के भटकते रहने की अहितकारी आदत से अलग है। इस कारण से सलाह दी जाती है-‘‘एक विचार लो। उस विचार को अपना जीवन बना लो-उसके बारे में सोचो, उसको देखो उस विचार को जीओ, अपने मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों और शरीर के हर हिस्से को उस विचार में डूब जाने दो और बाकी सभी विचारों को किनारे रख दो, यही सफल होने का तरीका है।’’
‘‘यह योग है, यह साधना है। सुख सभी को चाहिए, इसमें कुछ भी बुरा नहीं। सुख के फायदे बहुत हैं लेकिन बात वही है कि सुखी होने के लिए, सुख से जीने के लिए कुछ करना पड़ता है।
गीता का कथन है-‘‘समता में ही सुरक्षा का उपाय ढूंढ।’’ समता का मतलब है या तो सुख-दुख दोनों को महत्व देना बंद कर दिया जाए या सुख-दुख दोनों को स्वीकार लिया जाए कि हां, ठीक है, यहां ऐसा भी होता है, वैसा भी होता है? आदमी सोचता है- क्या दूसरा रास्ता नहीं? शक्ति तो चाहिए।

समता में अपार शक्ति है, वह अहंकार की क्षुद्र सोच में दिखाई नहीं पड़ती। समता के लिए राग-द्वेष रहित होना जरूरी है। राग-द्वेष रहित व्यक्ति पूरी तरह से अपने आपको स्वीकार सकता है। अपने जीवन को जैसा भी है, स्वीकार कर लेना चाहिए तथा अपनी परिस्थितियों को कोस कर अपने लिए नर्क बना लेना नासमझी है। जीवन का पुजारी अवश्य ही सुख को प्राप्त कर लेता है।
