चीन ने दिखाया दुनिया का पहला छठी पीढ़ी का फाइटर जेट, क्या यह अमेरिका के F-35 से ज्यादा खतरनाक?

Edited By Updated: 01 Feb, 2026 05:56 AM

china has unveiled the world s first sixth generation fighter jet

चीन ने दुनिया के पहले छठी पीढ़ी के फाइटर जेट की तस्वीर सार्वजनिक कर दी है। यह जेट बेहद आधुनिक, बड़ा और ताकतवर माना जा रहा है। इसे चीन की कंपनी चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन विकसित कर रही है। जारी की गई तस्वीर में यह जेट टेकऑफ से ठीक पहले रनवे पर खड़ा...

इंटरनेशनल डेस्कः चीन ने दुनिया के पहले छठी पीढ़ी के फाइटर जेट की तस्वीर सार्वजनिक कर दी है। यह जेट बेहद आधुनिक, बड़ा और ताकतवर माना जा रहा है। इसे चीन की कंपनी चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन विकसित कर रही है। जारी की गई तस्वीर में यह जेट टेकऑफ से ठीक पहले रनवे पर खड़ा दिख रहा है।

इस विमान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें तीन इंजन लगे हैं। बीच वाला इंजन बाकी दो इंजनों से बड़ा है, जिससे इसे ज्यादा ताकत, स्पीड और लंबी रेंज मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजाइन दुनिया के किसी भी मौजूदा फाइटर जेट से अलग और बेहद उन्नत है।

नाम, आकार और रेंज — क्यों है यह खास?

मिलिट्री वॉच मैग्जीन के अनुसार, यूरोप में इस जेट को J-36 या J-XX कहा जा रहा है। माना जा रहा है कि इसका कॉन्फिग्रेशन बेहद एडवांस होगा। इसे दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे खतरनाक फाइटर जेट बताया जा रहा है। इसकी अनुमानित रेंज लगभग 8,000 किलोमीटर हो सकती है। यह बिना रीफ्यूलिंग के 4,000 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक टारगेट पर हमला कर सकता है। प्रशांत महासागर के ऊपर लंबी दूरी की मिशन उड़ानों के लिए यह बेहद उपयोगी हो सकता है। नई तस्वीर में इसमें ट्विन मेन लैंडिंग गियर (दो मुख्य पहिया सेट) दिख रहे हैं, जो इसके बड़े आकार और भारी वजन की ओर इशारा करते हैं।

अमेरिका के लिए बना था ऐसा इंजन — चीन ने अपनाया

यह विमान उन चार प्रोटोटाइप में से एक है, जिनके बारे में माना जाता है कि उन्होंने उड़ान परीक्षण (फ्लाइट टेस्टिंग) शुरू कर दी है। दिलचस्प बात यह है कि इस तरह का एडवांस्ड एडेप्टिव इंजन पहले अमेरिका अपने F-35 फाइटर जेट को अपग्रेड करने के लिए बना रहा था, जिसे एडेप्टिव इंजन ट्रांजिशन प्रोग्राम (AETP) कहा जाता था। लेकिन लागत बहुत ज्यादा होने के कारण अमेरिका ने इसे रद्द कर दिया। चीन ने इसी तरह की तकनीक को अपनाकर अपने नए जेट में इस्तेमाल किया है। इसमें एडेप्टिव साइकिल इंजन होने की उम्मीद है, जो अलग-अलग उड़ान स्थितियों में ज्यादा कुशलता से काम करता है।

फाइटर इंजन टेक्नोलॉजी में चीन अब अमेरिका के बराबर?

विशेषज्ञों का मानना है कि अब चीन की फाइटर इंजन तकनीक अमेरिका के बराबर पहुंच चुकी है।

  • चीन का J-20 (पांचवीं पीढ़ी का फाइटर) दिसंबर 2025 में नए सीरियल इंजन के साथ उड़ान भर चुका है।

  • इसका थ्रस्ट/वेट रेश्यो और फ्यूल एफिशिएंसी अमेरिकी F-35 के इंजन F135 के बराबर मानी जा रही है।

  • यह इंजन पुराने अमेरिकी F119 से ज्यादा ताकतवर और कुशल है, जो F-22 फाइटर जेट में इस्तेमाल होता है।

कब सेवा में आएगा यह जेट?

ताजा तस्वीरों और रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन का यह छठी पीढ़ी का फाइटर जेट 2030 के दशक की शुरुआत तक सेना में शामिल हो सकता है। उधर, अमेरिका भी अपना छठी पीढ़ी का फाइटर जेट F-47 विकसित कर रहा है, जिसकी पहली उड़ान 2028 में होने की उम्मीद है। यानी आने वाले वर्षों में चीन और अमेरिका के बीच एयर पावर की नई दौड़ देखने को मिलेगी।

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