Edited By Mehak,Updated: 03 Jan, 2026 01:03 PM

सरकार के नए फैसले के बाद शेयर बाजार में उथल-पुथल मची है, जिससे LIC और आम निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। ITC समेत कुछ कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण LIC को करीब 11,500 करोड़ रुपये का कागजी नुकसान हुआ, जबकि आम निवेशकों को लगभग 7,000 करोड़ रुपये...
नेशनल डेस्क : सिगरेट पर सरकार की नई एक्साइज ड्यूटी लागू होने के बाद ITC के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली है। बीते दो कारोबारी दिनों में शेयरों में आई इस गिरावट का सीधा असर सरकारी बीमा कंपनियों, खासकर लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के निवेश पर पड़ा है।
2 जनवरी को ITC के शेयर करीब 5 प्रतिशत टूटकर 345.25 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गए, जो इसका 52 हफ्तों का नया निचला स्तर है। हालांकि दिन के अंत में शेयरों में हल्की रिकवरी देखी गई। साल 2026 की शुरुआत के सिर्फ दो ट्रेडिंग सेशनों में ही ITC के शेयर 14 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुके हैं।
LIC समेत सरकारी बीमा कंपनियों को झटका
वित्त वर्ष 2026 की जुलाई–सितंबर तिमाही के शेयरहोल्डिंग डेटा के अनुसार, ITC पूरी तरह पब्लिक शेयरहोल्डर्स की कंपनी है और इसमें कोई प्रमोटर हिस्सेदारी नहीं है। LIC के पास ITC में 15.86 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) की हिस्सेदारी 1.73 प्रतिशत और न्यू इंडिया एश्योरेंस की हिस्सेदारी 1.4 प्रतिशत है। शेयरों में आई तेज गिरावट के चलते LIC को करीब 11,468 करोड़ रुपये का कागजी नुकसान हुआ है। 31 दिसंबर को ITC में LIC की हिस्सेदारी की वैल्यू करीब 80,028 करोड़ रुपये थी, जो अब घटकर लगभग 68,560 करोड़ रुपये रह गई है।
दो दिनों में 13,740 करोड़ रुपये का नॉशनल लॉस
ITC शेयरों की बिकवाली के कारण सिर्फ दो दिनों में LIC, GIC और न्यू इंडिया एश्योरेंस के संयुक्त पोर्टफोलियो से करीब 13,740 करोड़ रुपये की वैल्यू घट गई है। हालांकि यह नुकसान फिलहाल कागजी है और शेयर बेचने तक इसे वास्तविक घाटा नहीं माना जाएगा।
ITC के मार्केट कैप में बड़ी गिरावट
2 जनवरी को ITC के शेयर करीब 4 प्रतिशत गिरकर 350.10 रुपये पर बंद हुए। पिछले पांच कारोबारी दिनों में स्टॉक 13 प्रतिशत से ज्यादा और बीते छह महीनों में करीब 15 प्रतिशत टूट चुका है। इस गिरावट के चलते महज दो दिनों में ITC के मार्केट कैप से लगभग 72,000 करोड़ रुपये कम हो गए हैं। फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप करीब 4.38 लाख करोड़ रुपये के आसपास है और स्टॉक का P/E रेश्यो 22.59 बना हुआ है।