Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Jan, 2026 07:07 PM

देश में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बेहद गंभीर हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि चार साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक साथ सक्रिय होने के कारण कई राज्यों में भारी बारिश, बर्फबारी और ओले गिरने की संभावना है।
नेशनल डेस्क: देश में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम का मिजाज बेहद गंभीर हो सकता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि चार साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक साथ सक्रिय होने के कारण कई राज्यों में भारी बारिश, बर्फबारी और ओले गिरने की संभावना है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वी बांग्लादेश और उसके आस-पास के इलाकों में निचले स्तर (Tropospheric) पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा पूर्वोत्तर असम और आसपास के क्षेत्रों में भी इसी तरह का सिस्टम काम कर रहा है।
उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर सब-ट्रॉपिकल वेस्टर्ली जेट स्ट्रीम की गति करीब 150 नॉट तक पहुंची हुई है, जो मौसम की गंभीरता को और बढ़ा रही है। वहीं, दक्षिण-पूर्व अरब सागर और केरल के तटीय क्षेत्र, साथ ही बंगाल की खाड़ी में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है। इन सभी सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से मौसम और भी चुनौतीपूर्ण होने की आशंका है।
आगामी मौसम की संभावनाएं
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मेघालय: 3 जनवरी 2026 को अलग-अलग क्षेत्रों में ओले पड़ने की संभावना।
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जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद: 5 और 6 जनवरी को भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी।
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हिमाचल प्रदेश: 6 जनवरी को बारिश और बर्फबारी की संभावना।
इसके साथ ही कई राज्यों में घना कोहरा (Dense Fog) छाए रहने की संभावना जताई गई है। IMD के अनुसार:
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पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 7 जनवरी तक
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 जनवरी तक
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पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 जनवरी तक
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पूर्वी राजस्थान में 4 जनवरी तक
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ओडिशा में 6 जनवरी तक ...कोहरा रहने की संभावना है।
ठंड और शीतलहर का असर
IMD ने Cold Wave Alert भी जारी किया है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में ठंड और न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। अगले कुछ दिनों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिरने का अनुमान है।
मौसम की गंभीरता को देखते हुए मछुआरों को 3 से 8 जनवरी 2026 तक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कई हिस्सों में समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।