Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Jan, 2026 08:26 AM

देशभर में ठंड का असर बढ़ने के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। जहां कई इलाकों में सर्द हवाएं चल रही हैं, वहीं कुछ राज्यों में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले तीन दिन देश के कई हिस्सों...
नेशनल डेस्क: देशभर में ठंड का असर बढ़ने के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। जहां कई इलाकों में सर्द हवाएं चल रही हैं, वहीं कुछ राज्यों में बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले तीन दिन यानि 8-9-10 जनवरी तक देश के कई हिस्सों में तेज और भारी बारिश देखने को मिल सकती है। इसे लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया गया है।
बीते मानसून सीजन में देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी और मानसून विदा होने के बाद भी कई राज्यों में बादल सक्रिय बने रहे। अब एक बार फिर मौसम का रुख बदलता नजर आ रहा है, जिससे कुछ क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
केरल में बारिश का दौर जारी
केरल में मानसून की एंट्री के साथ ही झमाझम बारिश शुरू हो गई थी और अब तक इस पर पूरी तरह ब्रेक नहीं लगा है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक तेज बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में जलभराव और फिसलन जैसी स्थितियां बन सकती हैं, इसलिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
तमिलनाडु में फिर सक्रिय हुए बादल
तमिलनाडु में भी मानसून के दौरान अच्छी वर्षा दर्ज की गई थी और इसके बाद भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। अब मौसम ने फिर करवट ली है। आने वाले तीन दिनों में राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की जा सकती है।
इन राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक में कई स्थानों पर अगले तीन दिन जोरदार बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का दायरा बढ़ सकता है।
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, पुडुचेरी, यनम, माहे और कराईकल में भी भारी वर्षा के आसार हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, मौसम का यह बदला हुआ रूप आने वाले दिनों में कई राज्यों के लिए चुनौती बन सकता है। प्रशासन और आम लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।