Edited By Mehak,Updated: 05 Jan, 2026 03:51 PM

हाल ही में दुनिया में कई दुर्लभ और अजीब बीमारियां सामने आई हैं, जिनके बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते। इनमें RPI डेफिशिएंसी, फील्ड्स डिजीज, प्रोजेरिया सिंड्रोम, मेथेमोग्लोबिनेमिया, एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया, फॉरेन एक्सेंट सिंड्रोम और स्टोन मैन डिजीज...
नेशनल डेस्क : पिछले कुछ वर्षों में बीमारियों के नए-नए रूप सामने आ रहे हैं। आमतौर पर जब बीमारी की बात होती है तो हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, माइग्रेन, कैंसर या स्ट्रोक जैसी समस्याएं ध्यान में आती हैं। लेकिन इन आम बीमारियों के अलावा दुनिया में कुछ ऐसी बेहद दुर्लभ बीमारियां भी हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। ये बीमारियां कम लोगों को प्रभावित करती हैं, लेकिन कई मामलों में गंभीर और जानलेवा साबित हो सकती हैं।
रेयर बीमारी क्या होती है?
रेयर या दुर्लभ बीमारियां वे होती हैं, जो आबादी के बहुत छोटे हिस्से में पाई जाती हैं। इनमें से कई बीमारियों का अब तक कोई निश्चित इलाज नहीं है। इनकी पहचान करना भी आसान नहीं होता और इलाज के लिए खास विशेषज्ञों की जरूरत पड़ती है।
दुनिया की कुछ बेहद दुर्लभ बीमारियां
1. RPI डेफिशिएंसी (RPI Deficiency)
इसे दुनिया की सबसे दुर्लभ बीमारियों में गिना जाता है। यह शरीर में एक जरूरी एंजाइम की कमी के कारण होती है। इस बीमारी में मांसपेशियों में अकड़न, दौरे और दिमाग के सफेद हिस्से को नुकसान पहुंच सकता है। अब तक इसका सिर्फ एक ही मामला सामने आया है।
2. फील्ड्स डिजीज (Fields Disease)
यह एक न्यूरोमस्कुलर बीमारी है, जिसमें मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। अब तक इसके केवल दो ही मामले सामने आए हैं, जो जुड़वा बहनों में पाए गए थे। इस बीमारी पर अभी भी शोध जारी है।
3. हचिंसन-गिलफोर्ड प्रोजेरिया सिंड्रोम (Hutchinson-Gilford progeria syndrome)
इस बीमारी में बच्चों में बहुत कम उम्र में ही बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगते हैं। त्वचा पर झुर्रियां, बालों का झड़ना और बुजुर्गों जैसी शारीरिक बनावट इसके लक्षण हैं। यह बीमारी बेहद दुर्लभ है और इसका कोई पक्का इलाज नहीं है।
4. मेथेमोग्लोबिनेमिया (Methemoglobinemia)
इस बीमारी में खून का रंग नीला दिखाई देने लगता है। शरीर में एक खास प्रकार के हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ने से त्वचा, होंठ और नाखून नीले पड़ जाते हैं।
5. एक्वाजेनिक अर्टिकेरिया (Aquagenic urticaria)
यह पानी से होने वाली एलर्जी है। इस बीमारी में पानी के संपर्क में आते ही त्वचा पर खुजली और लाल चकत्ते हो जाते हैं। पसीना, बारिश या बर्फ भी परेशानी बढ़ा सकते हैं।
6. फॉरेन एक्सेंट सिंड्रोम (Foreign accent syndrome)
इस स्थिति में व्यक्ति अचानक अपनी भाषा को किसी विदेशी लहजे में बोलने लगता है। यह समस्या अक्सर सिर या दिमाग में चोट लगने के बाद देखी जाती है।
7. स्टोन मैन डिजीज (Stone Man Disease)
इस बीमारी में शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे हड्डियों में बदलने लगती हैं। समय के साथ शरीर जकड़ जाता है, हालांकि दिल, आंखों और जीभ की मांसपेशियां इससे प्रभावित नहीं होतीं।
ये दुर्लभ बीमारियां भले ही कम लोगों को प्रभावित करती हों, लेकिन इनके बारे में जागरूकता बेहद जरूरी है, ताकि समय पर पहचान और सही इलाज की दिशा में कदम उठाए जा सकें।