Edited By Anu Malhotra,Updated: 12 May, 2025 07:55 AM

गर्मी का मौसम आते ही भारत के कई हिस्सों में तापमान आसमान छूने लगता है, ऐसे में एसी ही ऐसा विकल्प है जो राहत देने वाला है, लेकिन कई बार बिजली के बढ़ते बिल से लोग परेशान हो जाते हैं। अगर आप भी एसी के बढ़ते बिल से जूझ रहे हैं, तो जानिए कुछ टिप्स,...
नेशनल डेस्क: गर्मी का मौसम आते ही भारत के कई हिस्सों में तापमान आसमान छूने लगता है, ऐसे में एसी ही ऐसा विकल्प है जो राहत देने वाला है, लेकिन कई बार बिजली के बढ़ते बिल से लोग परेशान हो जाते हैं। अगर आप भी एसी के बढ़ते बिल से जूझ रहे हैं, तो जानिए कुछ टिप्स, जिनसे न सिर्फ आपको ठंडक मिलेगी, बल्कि बिजली की खपत भी कम होगी।
सही तापमान पर एसी चलाना है जरूरी
भारत में एसी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, खासकर गर्मी के मौसम में। लेकिन, एसी का ज्यादा इस्तेमाल करते वक्त बिजली बिल का बढ़ना आम बात है, जिससे मिडिल क्लास परिवार अक्सर चिंतित रहते हैं। यदि आप भी एसी चलाते वक्त बिजली बिल से परेशान हैं, तो आपको कुछ सरल उपाय अपनाने चाहिए, ताकि आपके घर का बिजली बिल भी कम हो और एसी की ठंडी हवा का मजा भी मिलता रहे।
24 से 26 डिग्री पर चलाएं AC
ज्यादातर लोग एसी को 20 डिग्री या कभी-कभी 18 डिग्री पर चला देते हैं, ताकि कमरे को जल्दी ठंडा किया जा सके। हालांकि, इस तापमान पर एसी बिजली की अधिक खपत करता है, जिससे बिजली बिल काफी बढ़ जाता है। अगर आप बिजली बचाना चाहते हैं, तो आपको एसी को 24 से 26 डिग्री के बीच सेट करना चाहिए। इस तापमान पर भी एसी कमरे को ठंडा रखता है, लेकिन बिजली की खपत कम होती है, जिससे आपका बिजली बिल भी काबू में रहता है।
AC के रख-रखाव का भी रखें ध्यान
अगर आपको लगता है कि एसी का तापमान सही रखने के बावजूद कमरा ठंडा नहीं हो रहा, तो इसके पीछे एक कारण एसी के फिल्टर में जमा गंदगी हो सकती है। नियमित रूप से एसी के फिल्टर को साफ करें, ताकि इसकी कार्यक्षमता बनी रहे। आप सप्ताह में एक बार फिल्टर को चेक कर सकते हैं और अगर जरूरत हो तो उसे अच्छे से साफ कर लें। इस छोटे से उपाय से एसी का प्रदर्शन बेहतर होगा और कमरे को जल्दी ठंडा करेगा।
पंखे का इस्तेमाल करें
अगर आप चाहते हैं कि एसी कम समय में पूरे कमरे को ठंडा कर दे, तो एसी के साथ पंखे का भी इस्तेमाल करें। पंखा एसी की ठंडी हवा को पूरे कमरे में फैलाने में मदद करता है, जिससे आपको ज्यादा देर तक एसी चलाने की जरूरत नहीं पड़ती और बिजली की खपत भी कम होती है।