‘समंदर में डकैती कर रहा है अमेरिका’, रूसी तेल टैंकर पर US के कब्जे के बाद फूटा रूस का गुस्सा

Edited By Updated: 08 Jan, 2026 06:07 AM

america is committing piracy in the sea says russia

उत्तरी अटलांटिक महासागर में वेनेजुएला से आ रहे रूसी तेल टैंकर ‘मरीनेरा (Marinera)’ पर अमेरिकी सेना द्वारा कब्जा किए जाने के बाद रूस और अमेरिका के बीच तनाव बेहद बढ़ गया है। रूस ने इस कार्रवाई को खुले समंदर में की गई डकैती बताया है और अमेरिका पर...

इंटरनेशनल डेस्कः उत्तरी अटलांटिक महासागर में वेनेजुएला से आ रहे रूसी तेल टैंकर ‘मरीनेरा (Marinera)’ पर अमेरिकी सेना द्वारा कब्जा किए जाने के बाद रूस और अमेरिका के बीच तनाव बेहद बढ़ गया है। रूस ने इस कार्रवाई को खुले समंदर में की गई डकैती बताया है और अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। मॉस्को का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए खतरनाक मिसाल बन सकता है।

रूस का आरोप: खुले समंदर में जबरन कब्जा

रूसी सरकारी समाचार एजेंसी TASS के मुताबिक, रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह रूसी झंडे वाले टैंकर पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जुड़ी सभी खबरों पर कड़ी नजर रखे हुए है।

रूस ने अमेरिका से मांग की है कि टैंकर पर मौजूद रूसी नागरिकों के साथ मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। उनके अधिकारों और हितों का पूरा सम्मान हो और जहाज पर मौजूद रूसी क्रू की जल्द और सुरक्षित रूस वापसी में कोई रुकावट न डाली जाए।

जहाज से संपर्क टूटा, रूस ने जताई चिंता

रूसी परिवहन मंत्रालय ने पुष्टि की है कि सुबह करीब 7 बजे (ET) अमेरिकी सैन्य बल जहाज पर चढ़े और इसके बाद से टैंकर Marinera से संपर्क पूरी तरह टूट गया। मंत्रालय ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) का सीधा उल्लंघन है। इस कानून के तहत कोई भी देश दूसरे देश के कानूनी रूप से पंजीकृत जहाज पर बल प्रयोग नहीं कर सकता।

रूसी नेता बोले: यह खुलेआम लूट है

रूस की संसद के ऊपरी सदन के वरिष्ठ नेता एंड्री क्लिशास ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा यह कार्रवाई समंदर में खुली लूट है और अमेरिका अपने बनाए नियमों के नाम पर अंतरराष्ट्रीय कानून को कुचल रहा है।

क्लिशास ने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाएं वैश्विक समुद्री सुरक्षा को कमजोर करेंगी और भविष्य में बड़े टकराव का कारण बन सकती हैं।

व्हाइट हाउस का बयान: जरूरत पड़ी तो क्रू को US लाया जाएगा

व्हाइट हाउस ने इस पूरे मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला की अंतरिम सरकार के साथ लगातार संपर्क में है। विदेश मंत्री मार्को रूबियो सीधे वेनेजुएला के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार अमेरिका के पास वेनेजुएला पर काफी दबाव और प्रभाव है और सभी फैसले अमेरिकी हितों को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे।

तेल टैंकर को लेकर अमेरिका ने साफ कहा वह वेनेजुएला पर लगाए गए सभी प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करेगा और जरूरत पड़ने पर जहाज के क्रू को अमेरिका लाया जा सकता है।

वेनेजुएला के तेल पर बड़ा सौदा तैयार

व्हाइट हाउस ने यह भी बताया कि अमेरिका वेनेजुएला और तेल उद्योग के साथ मिलकर एक बड़े समझौते पर काम कर रहा है। इस डील के तहत वेनेजुएला का तेल अमेरिका लाने की योजना है। इसके अलावा इस हफ्ते तेल कंपनियों के बड़े अधिकारी व्हाइट हाउस पहुंचेंगे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनसे सीधी मुलाकात करेंगे। अमेरिका ने यह भी साफ किया फिलहाल वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिक तैनात नहीं हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति के पास सेना इस्तेमाल करने का पूरा अधिकार है। वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की लॉन्ग टर्म रणनीति तैयार है, जिसमें ऊर्जा, सुरक्षा और कूटनीति तीनों शामिल हैं।

रूसी युद्धपोतों के बीच हुआ ऑपरेशन

यह जब्ती उस समय हुई जब आइसलैंड के पास समुद्र में रूसी नौसेना की पनडुब्बी और कई युद्धपोत मौजूद थे। अमेरिकी अधिकारियों ने रॉयटर्स को बताया कि इस टैंकर को पकड़ना अचानक नहीं हुआ। इसे कई हफ्तों तक अटलांटिक महासागर में ट्रैक किया गया। अधिकारियों के अनुसार टैंकर पहले ही अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी से बचकर निकल चुका था। अमेरिकी तटरक्षक बल के बार-बार दिए गए निर्देशों को उसने नजरअंदाज किया और जहाज पर जांच के अनुरोध को भी ठुकरा दिया गया। पकड़े जाने के डर से टैंकर ने बीच समुद्र में अपनी पहचान छिपाने के लिए झंडा और पंजीकरण तक बदल दिया।

ब्रिटेन की अहम भूमिका

इस पूरे ऑपरेशन में ब्रिटेन की भूमिका बेहद अहम रही। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह मिशन अमेरिकी तटरक्षक बल और अमेरिकी सेना ने मिलकर अंजाम दिया। ब्रिटेन ने इस ऑपरेशन के लिए अपनी जमीन और हवाई अड्डों को लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल करने दिया जब टैंकर आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था तब रॉयल एयर फोर्स (RAF) के निगरानी विमानों ने उस पर लगातार नजर रखी। RAF ने अमेरिकी सेना को रीयल-टाइम खुफिया जानकारी दी।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!