Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 May, 2025 07:28 AM

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान जाने के बाद देश में शोक की लहर थी। लेकिन भारत ने इसका करारा जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रूप में दिया। सेना के तीनों अंगों – थल, जल और वायु – ने मिलकर पाकिस्तान के...
नेशनल डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान जाने के बाद देश में शोक की लहर थी। लेकिन भारत ने इसका करारा जवाब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के रूप में दिया। सेना के तीनों अंगों – थल, जल और वायु – ने मिलकर पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए कई आतंकियों को ढेर कर दिया। जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर ने खुद कबूल किया कि उसके परिवार के 10 सदस्य इस हमले में मारे गए हैं। इस ऑपरेशन ने न सिर्फ सीमा पार खलबली मचाई, बल्कि शेयर और कमोडिटी बाजारों में भी बड़ी हलचल ला दी।
पाकिस्तान का शेयर बाजार इस जवाबी कार्रवाई के बाद बुरी तरह से ध्वस्त हो गया, जबकि भारत का शेयर बाजार शुरुआती गिरावट के बाद संभल गया और मजबूती से उभरा। इस भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों ने एक बार फिर सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख किया है।
फिर से एक लाख पार पहुंचा सोना
दिल्ली के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। 99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमत एक दिन में 1,000 रुपये बढ़कर 10 ग्राम पर ₹1,00,770 तक पहुंच गई। मंगलवार को यह ₹99,750 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
इसी तरह 99.5% शुद्धता वाला सोना भी ₹150 महंगा होकर ₹1,00,350 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। इससे पहले 22 अप्रैल को भी सोने में ₹1,800 की बड़ी छलांग देखी गई थी, जब इसकी कीमत ₹1,01,600 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी — जो एक रिकॉर्ड स्तर है।
अक्षय तृतीया और वैश्विक कारक
बीते महीने अक्षय तृतीया के मौके पर देशभर में जमकर सोने की खरीदारी हुई थी, जिसने घरेलू बाजार में इसकी मांग को मजबूती दी। वहीं दूसरी ओर, वैश्विक बाजारों में अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव में थोड़ी राहत आने के चलते सोने की कीमतों में नरमी देखी जा रही है।
जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें थोड़ी कमजोर रह सकती हैं, लेकिन भारत में चल रही भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और भावनात्मक निवेश ट्रेंड की वजह से यहां सोना निवेशकों के लिए अभी भी 'सुरक्षित ठिकाना' बना हुआ है।