Edited By Pardeep,Updated: 03 May, 2025 09:27 AM

पहलगाम हमले के बाद भारत की तैयारी देख पूरा पाकिस्तान डरा हुआ है। वहीं, भारत ने अपनी सैन्य तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में इंडियन एयर फोर्स ने शुक्रवार (2 मई) को यूपी के गंगा एक्सप्रेसवे पर अपनी ताकत दिखाई।
नेशनल डेस्कः पहलगाम हमले के बाद भारत की तैयारी देख पूरा पाकिस्तान डरा हुआ है। वहीं, भारत ने अपनी सैन्य तैयारी तेज कर दी है। इसी कड़ी में इंडियन एयर फोर्स ने शुक्रवार (2 मई) को यूपी के गंगा एक्सप्रेसवे पर अपनी ताकत दिखाई।
भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए गंगा एक्सप्रेसवे पर स्थित विशेष हवाई पट्टी पर दिन और रात दोनों समय लड़ाकू विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ का सफल अभ्यास किया। इस ऐतिहासिक सैन्य अभ्यास में भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक विमानों — राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर, सी-130जे सुपर हरक्यूलिस, एएन-32 और एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर — ने हिस्सा लिया।
यह पहली बार है जब देश में किसी एक्सप्रेसवे पर रात के समय (नाइट लैंडिंग) का सफल सैन्य प्रदर्शन किया गया, जिससे भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया जिनके पास ऐसी बहुआयामी युद्धकालीन तैयारी है।
“लैंड एंड गो” ड्रिल: युद्धकालीन लचीलापन का प्रदर्शन
गंगा एक्सप्रेसवे पर यह "लैंड एंड गो" अभ्यास सुबह 11:30 बजे प्रस्तावित था लेकिन खराब मौसम के कारण यह थोड़ी देरी से दोपहर 12:40 बजे शुरू हुआ और दोपहर 2:30 बजे तक चला। शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक "नाइट ऑपरेशंस" की शुरुआत हुई, जहां अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने अंधेरे में भी सटीक लैंडिंग और टेकऑफ कर दिखाया।
प्रदर्शन में शामिल मुख्य विमान:
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राफेल और सुखोई-30 ने अद्भुत कलाबाजियों के साथ छह बार हवाई पट्टी को चूमा
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जगुआर, मिग-29, मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमानों ने दो-दो बार "टच एंड गो" किया
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सी-130जे सुपर हरक्यूलिस और एएन-32 ने भारी परिवहन क्षमताओं का प्रदर्शन किया
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एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर से जवानों ने "रोप स्लाइडिंग" के जरिए युद्धाभ्यास किया
गंगा एक्सप्रेसवे की रणनीतिक भूमिका:
594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ से प्रयागराज तक फैला है, जिसे यूपी कैबिनेट ने 2021 में मंजूरी दी थी। इस पर 3.5 किमी लंबी विशेष एयर स्ट्रिप तैयार की गई है, जो युद्ध की स्थिति में वैकल्पिक रनवे के रूप में उपयोग की जा सकती है।
राज्य सरकार और वायुसेना के शीर्ष अधिकारियों ने भी इस अभ्यास की निगरानी की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व में इसका निरीक्षण कर इसे “रणनीतिक दृष्टि से राज्य के लिए महत्वपूर्ण” बताया था।
सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था:
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250 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए, जो रियल-टाइम निगरानी में सहायक रहे
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40 किमी के क्षेत्र में पुलिस, पशु विभाग और पंचायत कर्मियों को तैनात किया गया
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वाहनों का आवागमन शाम 7 से रात 10 बजे तक पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया
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स्थानीय स्कूलों के छात्र भी अभ्यास देखने पहुंचे, जिससे उन्हें देश की सैन्य शक्ति को करीब से समझने का अवसर मिला
स्थानीय और सैन्य प्रतिक्रिया:
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पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने बताया कि इस हवाई पट्टी पर दिन-रात दोनों समय में अभ्यास की सुविधा है, जो देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
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भाजपा के जिला महामंत्री अनिल गुप्ता ने इसे "शाहजहांपुर के लिए गर्व की बात" बताया
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गुरुकुल बर्ड स्कूल की प्रधानाचार्या पूजा यादव ने कहा, “बच्चों ने पहली बार राफेल और जगुआर जैसे विमानों को उड़ते देखा — यह उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव था।”
रणनीतिक महत्त्व:
यह अभ्यास केवल एक सैन्य शक्ति प्रदर्शन नहीं था, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी था — विशेष रूप से उस समय जब भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ सतर्क राजनयिक-सैन्य संतुलन बनाए हुए है।