Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 01 May, 2025 04:42 PM

अटारी-वाघा बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक नया राजनयिक विवाद खड़ा हो गया है। भारत से अपने देश लौट रहे पाकिस्तानी नागरिकों को पाकिस्तान ने लेने से इनकार कर दिया है। भारतीय इमीग्रेशन अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने आज सुबह 8 बजे से अपने...
नेशलन डेस्क: अटारी-वाघा बॉर्डर पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक नया राजनयिक विवाद खड़ा हो गया है। भारत से अपने देश लौट रहे पाकिस्तानी नागरिकों को पाकिस्तान ने लेने से इनकार कर दिया है। भारतीय इमीग्रेशन अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान ने आज सुबह 8 बजे से अपने रिसीविंग काउंटर बंद कर दिए हैं, जिसकी वजह से दर्जनों पाकिस्तानी नागरिक बॉर्डर पर फंसे हुए हैं।
इन फंसे हुए लोगों में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। उनके पास न तो ठहरने की जगह है और न ही खाने-पीने की व्यवस्था। इस अनपेक्षित फैसले के बाद अटारी बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पाकिस्तान की इस हरकत की सोशल मीडिया पर काफी आलोचना हो रही है और लोग इसे शर्मनाक बता रहे हैं।
हालांकि, भारत सरकार ने साफ किया है कि वह पाकिस्तानी नागरिकों को उनके देश लौटने की अनुमति देती रहेगी। गृह मंत्रालय ने अपने पुराने आदेश में बदलाव करते हुए बॉर्डर को फिलहाल खुला रखने का फैसला किया है। इससे पहले 30 अप्रैल से बॉर्डर बंद करने का निर्देश जारी किया गया था।
बता दें कि यह फैसला 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक भीषण आतंकी हमले के बाद लिया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। इस हमले को सीमा पार से आया आतंकवादी हमला बताया गया था। इसके बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना शुरू कर दिया।
पिछले एक सप्ताह में भारत से लगभग 800 पाकिस्तानी नागरिक वापस अपने देश लौटे हैं, जिनमें 55 राजनयिक और उनके स्टाफ के सदस्य भी शामिल हैं। वहीं, करीब 1,500 भारतीय नागरिक भी पाकिस्तान से लौट चुके हैं।
सरकार की सख्ती को लागू करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की और यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक निर्धारित समय सीमा से अधिक भारत में न ठहरे।