Edited By Anu Malhotra,Updated: 19 Jan, 2026 06:17 PM

देश की सबसे आधुनिक और लग्ज़री ट्रेनों में शामिल वंदे भारत स्लीपर से लोगों को बेहतरीन सफर की उम्मीद थी, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इन उम्मीदों को झटका दे दिया है। वीडियो में नई-नवेली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के भीतर का ऐसा नजारा दिख...
नेशनल डेस्क: देश की सबसे आधुनिक और लग्ज़री ट्रेनों में शामिल वंदे भारत स्लीपर से लोगों को बेहतरीन सफर की उम्मीद थी, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने इन उम्मीदों को झटका दे दिया है। हावड़ा और गुवाहाटी के बीच शुरू हुई नई-नवेली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के भीतर का ऐसा नजारा दिख रहा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है। जहां एक ओर ट्रेन की सुविधाओं की तारीफ हो रही थी, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की लापरवाही ने इस ‘ड्रीम ट्रेन’ को शर्मिंदगी का कारण बना दिया है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया है और लोगों से सिविक सेंस दिखाने की अपील की जा रही है।
कम किराए में लग्जरी सुविधाएं
पहले वीडियो में ट्रेन के भीतर की सुख-सुविधाओं की जमकर तारीफ की जा रही है। यात्री इस बात से बेहद खुश हैं कि ट्रेन के सेकंड एसी में मिलने वाले कंबल अब पुराने और गंदे नहीं हैं, बल्कि उन पर सुंदर प्रिंट वाले साफ-सुथरे कवर चढ़ाए गए हैं। ट्रेन के पर्दे, आरामदायक सीटें, शानदार लाइटिंग और ऑटोमैटिक दरवाजे इसे किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेन जैसा लुक दे रहे हैं। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी का कहना है कि इतने कम किराए में ऐसी लग्जरी सुविधाएं पहले कभी नहीं मिलीं।
वहीं, दूसरा वीडियो काफी परेशान करने वाला है। इसमें दिखाया गया है कि सफर खत्म होने के बाद ट्रेन के भीतर जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। कुछ यात्रियों ने इस्तेमाल किए हुए टिश्यू पेपर, खाली बोतलें और आइसक्रीम के पैकेट सीटों पर ही छोड़ दिए हैं। इस नजारे को देखकर सोशल मीडिया पर लोग काफी नाराज हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या इतनी आधुनिक ट्रेन के लिए हमारे पास जरूरी 'सिविक सेंस' (नागरिक समझ) नहीं है?
ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों का कहना है कि सरकार और रेलवे ने तो अपना काम बखूबी किया है, लेकिन अब इस चमक-धमक को बरकरार रखने की जिम्मेदारी हम नागरिकों की है। वरिष्ठ नागरिकों ने इस ट्रेन को विकास की नई लहर बताया है, जिससे सफर काफी आसान हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरी झंडी दिखाने के बाद अब यह ट्रेन आम जनता के लिए पूरी तरह उपलब्ध है, लेकिन इसकी सुंदरता को बचाए रखना अब यात्रियों के हाथ में है।