Edited By Radhika,Updated: 30 Apr, 2025 01:56 PM

जबलपुर में तीन पाकिस्तानी नाबालिगों की वतन वापसी का मामला जटिल हो गया है। हाल ही में जबलपुर पुलिस के सत्यापन में ये बच्चे मिले, जिनकी मां भारतीय और पिता पाकिस्तानी नागरिक हैं।
नेशनल डेस्क : जबलपुर में तीन पाकिस्तानी नाबालिगों की वतन वापसी का मामला जटिल हो गया है। हाल ही में जबलपुर पुलिस के सत्यापन में ये बच्चे मिले, जिनकी मां भारतीय और पिता पाकिस्तानी नागरिक हैं। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार इन पाकिस्तानी नागरिकों को वापस उनके देश भेजा जाना था, लेकिन बच्चों के नाबालिग होने और उनकी मां के भारतीय होने के कारण कानूनी और मानवीय संवेदनशीलताएं आड़े आ रही हैं।
पुलिस-प्रशासन बरत रहा पूरी सतर्कता
जबलपुर पुलिस प्रशासन ने इस विशेष परिस्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मार्गदर्शन मांगा है। यह घटनाक्रम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार द्वारा देशभर में पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के निर्णय के क्रम में सामने आया है। बच्चों की मां के भारतीय नागरिक होने के कारण मामला और भी नाजुक हो गया है। जबलपुर जिला प्रशासन और पुलिस दोनों ही इस मामले पर बेहद सावधानी से काम कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि नाबालिगों के अधिकारों, नागरिकता के कानूनी पहलुओं और मानवीय आधार पर कोई भी कदम उठाने से पहले उचित दिशा-निर्देश प्राप्त करना आवश्यक है। सरकार से स्पष्ट मार्गदर्शन मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

जबलपुर कलेक्टर ने दी जानकारी
इस पूरे घटनाक्रम पर जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा कि, “हमने इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया है। चूंकि बच्चे नाबालिग हैं और उनकी मां भारतीय नागरिक हैं, इसलिए हम केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद ही वतन वापसी की कार्रवाई करेंगे। हमारी प्राथमिकता बच्चों के अधिकारों और कानून का पूरी तरह पालन करना है। फिलहाल तीनों नाबालिग पुलिस निगरानी में सुरक्षित हैं और उनकी देखरेख सुनिश्चित की जा रही है।”
प्रदेश भर में चर्चा का विषय
अधिकारियों के अनुसार, सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से आदेश प्राप्त होने के बाद ही इन्हें भारत से पाकिस्तान भेजने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जबलपुर प्रशासन और पुलिस की संवेदनशीलता और सतर्कता के चलते यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार और केंद्र सरकार के अगले निर्देशों पर टिकी हुई हैं।