MCX पर SEBI का डंडा, 45 दिन में चुकाना होगा ₹25 लाख का जुर्माना, जानिए क्या है पूरा मामला

Edited By Updated: 27 May, 2025 12:18 PM

sebi s action on mcx will have to pay a fine of 25 lakh in 45 days

मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (MCX) पर भारी जुर्माना लगाया है। डिस्क्लोजर में चूक और ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर कॉन्ट्रैक्ट के संबंध में गलत जानकारी देने के लिए 25 लाख रुपये का...

बिजनेस डेस्कः मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (MCX) पर भारी जुर्माना लगाया है। डिस्क्लोजर में चूक और ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर कॉन्ट्रैक्ट के संबंध में गलत जानकारी देने के लिए 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। SEBI ने MCX द्वारा समय पर और पूर्ण खुलासा न करने पर यह पेनल्टी लगाई है। सेबी ने अपने आदेश में कहा कि 45 दिनों के भीतर जुर्माने का भुगतान किया जाना चाहिए।

यह जुर्माना MCX द्वारा 63 मून्स टेक्नोलॉजीज को जारी किए गए पर्चेज ऑर्डर की जांच के बाद लगाया गया। SEBI की जांच में यह भी सामने आया कि MCX ने नए कमोडिटी डेरिवेटिव प्लेटफॉर्म (CDP) प्रोजेक्ट की टाइमलाइन के बारे में कथित तौर पर गलत या अधूरी जानकारी दी थी।

SEBI की रिपोर्ट में क्या है?

सेबी के होल टाइम मेंबर अश्विनी भाटिया द्वारा पारित आदेश में कहा गया है कि MCX ने 63 मून्स के साथ लेनदेन का खुलासा किया, लेकिन महत्वपूर्ण जानकारियों का पूरा खुलासा नहीं किया गया।

जैसे कि MCX ने दिसंबर 2022 को समाप्त तिमाही के लिए 3260 करोड़ रुपए और जून 2023 को समाप्त छमाही तक प्रति तिमाही 81 करोड़ रुपए का भुगतान किया लेकिन इस बड़ी राशि का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया गया।

मामला कितना गंभीर है?

सेबी की जांच में यह भी पता चला कि MCX और उसके क्लियरिंग कॉर्पोरेशन MCXCCL को नए CDP प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। साथ ही, उन्हें अपने मुख्य ट्रेडिंग सॉफ्टवेयर के लिए किसी वेंडर का समर्थन भी नहीं मिल सका, जिससे उनकी परिचालन क्षमता प्रभावित हुई।
 
 

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