Edited By Niyati Bhandari,Updated: 22 Apr, 2019 09:17 AM

हम पृथ्वी को तभी बचा सकते हैं जब हर कोई अपनी ओर से इसके लिए प्रयास करे। इस काम में आपकी मदद के लिए कुछ युक्तियां बता रहे हैं :
कचरा हो कम से कम
हर साल दुनिया भर में बेशुमार कचरा पैदा हो रहा है। कार्डबोर्ड को ही कूड़े के ढेर में पड़े-पड़े विघटित...
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हम पृथ्वी को तभी बचा सकते हैं जब हर कोई अपनी ओर से इसके लिए प्रयास करे। इस काम में आपकी मदद के लिए कुछ युक्तियां बता रहे हैं :
कचरा हो कम से कम
हर साल दुनिया भर में बेशुमार कचरा पैदा हो रहा है। कार्डबोर्ड को ही कूड़े के ढेर में पड़े-पड़े विघटित होने में 2 महीने लग जाते हैं जबकि प्लास्टिक से बनी चीजों को 450 साल से अधिक समय लग सकता है। कोशिश करनी होगी कि आप कम से कम कचरा पैदा करें। कितनी ही ऐसी चीजें हैं जिन्हें आप रिसाइकिल कर सकते हैं या उनका उपयोग अन्य चीजों के रूप में भी किया जा सकता है। साथ ही नई चीज तभी खरीदें जब आपको उसकी वाकई में जरूरत हो।
जितने हो पेड़ लगाओ
अनुमान है कि दुनिया में लगभग 15 अरब पेड़ हर साल काटे जाते हैं इसलिए अपने खुद के पेड़ लगाकर उस नुक्सान को पूरा करने में मदद करें। पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और लोगों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन देते हैं। वे कई तरह के जीवों के लिए आश्रय और भोजन भी प्रदान करते हैं। गर्मी कम करने में भी वे सहायक हैं।
बत्तियां बुझाओ
दिन के वक्त जितना हो सके कुदरती रोशनी का लाभ लें। रात को भी जहां जरूरत न हो, वहां बिजली को बंद रखें। बिजली उत्पादन में बहुत अधिक प्राकृतिक संसाधन खर्च होते हैं।
व्यर्थ न पानी बहाओ
बेशक आपको लगता हो कि पानी की कोई कमी नहीं है परंतु पीने योग्य पानी वास्तव में एक सीमित संसाधन है। पृथ्वी पर 1 प्रतिशत से भी कम पानी का उपयोग मानव द्वारा किया जा सकता है। बाकी या तो बहुत खारा है या उस तक पहुंचना बहुत कठिन है। दांत ब्रश करते वक्त या हाथ धोते वक्त नल बंद करके आप दिन में कितने सौ लीटर पानी बचा सकते हैं। नहाते वक्त भी बेकार में अधिक पानी का उपयोग न करें।
स्वयंसेवी बन संदेश फैलाओ
अपने माता-पिता की अनुमति लेकर स्वयंसेवक के रूप में करीब के पार्क से कचरा दूर करने या रिसाइकिल योग्य वस्तुओं को जमा करने में अपना योगदान दें। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने वाले कामों में भी हिस्सा ले सकते हैं। अपने दोस्तों, स्कूल, परिवार, रिश्तेदारों में जितना हो सके, पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैलाएं।
