ICU में भर्ती महिला मरीज से हैवानित! पहले दिया बेहोशी का इंजेक्शन, फिर पर्दे लगाकर किया रेप

Edited By Updated: 07 Jun, 2025 07:01 PM

a female patient was given an injection to make her unconscious

राजस्थान के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के आईसीयू वार्ड में 4 जून को अस्पताल के ही नर्सिंग स्टाफ के सदस्य पर 32 वर्षीय महिला मरीज के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का आरोप लगा है।

नेशनल डेस्क: राजस्थान के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां के आईसीयू वार्ड में 4 जून को अस्पताल के ही नर्सिंग स्टाफ के सदस्य पर 32 वर्षीय महिला मरीज के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का आरोप लगा है। यह घटना तब हुई जब पीड़िता का परिवार वार्ड के बाहर ही इंतजार कर रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, वहीं अस्पताल प्रशासन पर भी इस मामले को दबाने की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

बेहोशी का इंजेक्शन देकर किया गया दुष्कर्म

पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक आरोपी नर्सिंग स्टाफ ने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने से पहले पीड़िता को बेहोशी का इंजेक्शन दिया था। उस वक्त मरीज के परिजन आईसीयू के बाहर ही मौजूद थे, उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि अंदर उनके प्रियजन के साथ क्या हो रहा है। यह घटना रात के अंधेरे में हुई, जिसने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पति का नाम पुकारने पर खुला राज

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दुष्कर्म के बाद पीड़िता अर्धचेतन अवस्था में अपने पति का नाम पुकारने लगी। उसकी आवाज सुनकर वार्ड स्टाफ ने उसके पति को अंदर बुलाया। उस समय पीड़िता के बिस्तर के चारों ओर पर्दे लगे हुए थे और वह नशे की हालत में थी। हालांकि वह पूरी बात बता नहीं पाई, लेकिन उसकी छटपटाहट से कुछ गलत होने का आभास हुआ। सुबह जब उसे पूरी तरह होश आया, तब उसने अपने परिवार को पूरी आपबीती सुनाई, जिसके बाद उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। एक अन्य महिला मरीज के पति ने भी नर्सिंग स्टाफ द्वारा "रात में गलत काम" किए जाने का दावा किया है, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

अस्पताल प्रशासन पर लीपापोती का आरोप

पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से संपर्क किया, तो अधिकारियों ने कथित तौर पर इस मामले को दबाने की कोशिश की। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने अधिकारियों के सामने महिला और उसके परिवार से माफी भी मांगी थी। यह दर्शाता है कि अस्पताल प्रशासन को घटना की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उचित कानूनी कार्रवाई करने के बजाय मामले को सुलझाने की कोशिश की। अस्पताल ने कथित तौर पर घटना को तब तक छिपाने की कोशिश की जब तक पीड़िता ने हिम्मत करके अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को सूचित नहीं किया।

ADJ के हस्तक्षेप के बाद पुलिस की कार्रवाई

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADJ) ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत पुलिस को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निर्देशों का पालन करते हुए, पुलिस ने तत्काल एक प्राथमिकी दर्ज की, पीड़िता की चिकित्सा जांच कराई और उसका विस्तृत बयान दर्ज किया। पुलिस ने पुष्टि की है कि महिला के वीडियो बयान में आरोपी नर्सिंग स्टाफ सदस्य को स्पष्ट रूप से अपराधी के रूप में पहचाना गया है। पीड़िता ने अपने बयान में साफ कहा है कि आरोपी ने पहले उसे बेहोश करने वाला इंजेक्शन लगाया और फिर उसके साथ बलात्कार किया।

जांच जारी, आरोपी की तलाश में पुलिस

पुलिस ने अब इस मामले में गहन जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा करना शुरू कर दिया है ताकि घटना से जुड़े और सबूत मिल सकें। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई की जा रही है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. असीम दास ने घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जैसे ही उन्हें जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत एक जांच दल का गठन किया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि टीम शनिवार (8 जून 2024 तक) तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर मरीजों की सुरक्षा और अस्पतालों में उनके साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह देखना होगा कि इस मामले में कितनी तेजी से और निष्पक्षता से कार्रवाई होती है और दोषियों को कब तक सजा मिलती है।

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