Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 04 May, 2025 06:34 PM

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में शोक और गुस्से का माहौल है। इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए एक अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया है।
नेशलन डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में शोक और गुस्से का माहौल है। इसी बीच उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए एक अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने एक राफेल विमान के खिलौना मॉडल पर नींबू और मिर्ची लटकाकर सरकार की आतंकवाद नीति पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता अजय राय ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राफेल का खिलौना मॉडल सामने रखकर कहा, "सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च करके राफेल विमान मंगवाए थे, लेकिन आज वे सिर्फ हैंगर में खड़े हैं। उन पर तो नींबू और मिर्ची लटकी हुई हैं। क्या ये लड़ाकू विमान केवल नजरबट्टू बनाकर रख दिए गए हैं?" उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा छेड़ दी है। कई लोगों ने इस विरोध को सरकार की आतंकवाद विरोधी नीति पर करारा कटाक्ष बताया है।
"शहादत का जवाब सिर्फ भाषणों से नहीं"
अजय राय ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह आतंकी घटनाओं पर सिर्फ भाषण देकर काम चला रही है जबकि जमीनी स्तर पर कोई सख्त कार्रवाई नजर नहीं आती। उन्होंने कहा,"हाल ही में पहलगाम में हमारे कई बहादुर जवान शहीद हो गए। लेकिन सरकार ने अब तक कोई ठोस एक्शन नहीं लिया। आखिर कब लिया जाएगा एक्शन?" अजय राय ने सवाल उठाया कि सरकार आखिर उन आतंकियों, उनके समर्थकों और उन्हें पालने वालों के खिलाफ कब कार्रवाई करेगी?
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ विरोध
अजय राय का यह विरोध केवल प्रेस वार्ता तक सीमित नहीं रहा। जैसे ही उनका यह बयान और राफेल का नींबू-मिर्ची मॉडल सामने आया, सोशल मीडिया पर यह छा गया। ट्विटर और फेसबुक पर इसे लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई। कई लोगों ने इसे विपक्ष का साहसी कदम बताया, वहीं कुछ ने इसे सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट कहा।
केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
अभी तक केंद्र सरकार या बीजेपी की ओर से इस प्रतीकात्मक विरोध पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक छा सकता है। विपक्ष बार-बार यह मुद्दा उठा रहा है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर बड़े-बड़े दावे तो करती है लेकिन जब वक़्त आता है, तो चुप्पी साध लेती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस तीखे तंज का क्या जवाब देती है।
कांग्रेस का पुराना रुख और राफेल विवाद
गौरतलब है कि कांग्रेस पहले भी राफेल सौदे को लेकर सवाल उठाती रही है। हालांकि इस बार अजय राय ने राफेल की कार्यक्षमता नहीं, बल्कि उसकी निष्क्रियता और प्रतीकात्मक स्थिति पर सवाल खड़ा किया है। उनका कहना साफ है कि जब देश में आतंकी हमले हो रहे हैं, जवान शहीद हो रहे हैं, तो आखिर राफेल जैसे आधुनिक हथियारों का उपयोग क्यों नहीं हो रहा?