Edited By Mansa Devi,Updated: 12 Jun, 2025 12:04 PM

भारतीय रेलवे पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी पहुँच बढ़ाने के प्रयासों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में मिजोरम की राजधानी आइजोल को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का एक बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे सुरक्षा आयोग (CRS) ने होर्टोकी से सैरांग तक की...
नेशनल डेस्क: भारतीय रेलवे पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी पहुँच बढ़ाने के प्रयासों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में मिजोरम की राजधानी आइजोल को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का एक बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे सुरक्षा आयोग (CRS) ने होर्टोकी से सैरांग तक की नई रेलवे लाइन के परिचालन के लिए मंजूरी दे दी है, जो आइजोल के लिए रेल संपर्क की अंतिम मंजूरी भी है।
होर्टोकी-सैरांग रेल लाइन: मिजोरम का नया रेल मार्ग
यह रेल लाइन मिजोरम में बैराबी से सैरांग तक फैले 51.38 किलोमीटर के रेल प्रोजेक्ट का अंतिम हिस्सा है। सैरांग आइजोल का एक उपनगर है, जो राजधानी से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद आइजोल पूर्वोत्तर क्षेत्र की राष्ट्रीय रेल प्रणाली का हिस्सा बन जाएगा।
रेल मंत्रालय की खास मुहिम
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के लुमडिंग डिवीजन ने इस नई लाइन का सफलतापूर्वक सीआरएस स्पीड ट्रायल करवाया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेल लाइन मिजोरम की राजधानी को भारत के हर हिस्से से जोड़ेगी।
तकनीकी चुनौतियाँ: 48 सुरंगे और विशाल पुल
इस परियोजना में कुल 48 सुरंगें और 142 पुल बनाए गए हैं, जिनमें 55 बड़े और 87 छोटे पुल शामिल हैं। इनमें से एक पुल की ऊंचाई 104 मीटर है, जो कुतुब मीनार से भी ऊँचा है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर दर्शाता है कि तकनीकी रूप से यह परियोजना कितनी चुनौतीपूर्ण थी।
मिजोरम में रेल नेटवर्क विस्तार का महत्व
इस रेल लिंक के बनने से मिजोरम की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और लोगों की आवाजाही में सुधार होगा। इससे पूर्व मिजोरम में केवल बैराबी रेलवे स्टेशन ही था, जो असम की सीमा के पास स्थित है। अब आइजोल समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों को रेल सुविधाएं सीधे मिल सकेंगी।
मेघालय में अटका प्रोजेक्ट
पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों की तरह मेघालय में भी रेल नेटवर्क बढ़ाने की योजना है, लेकिन स्थानीय विरोध के कारण वहाँ काम अभी शुरू नहीं हो पाया है। इससे पूरे क्षेत्र के रेल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में देरी हो रही है।
आगे की उम्मीदें
बैराबी-सैरांग रेल लाइन के जल्द ही परिचालन शुरू होने की संभावना है। रेल मंत्रालय पूर्वोत्तर के बाकी राज्यों को भी राजधानी से जोड़ने के लिए कई नई परियोजनाओं पर काम कर रहा है, ताकि पूरे क्षेत्र में आर्थिक विकास और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।