Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 05 Jun, 2025 02:07 PM

भारतीय वायुसेना की जांबाज महिला अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह उन चुनिंदा महिलाओं में शामिल हैं जिन्होंने ना सिर्फ फाइटर हेलिकॉप्टर्स उड़ाए हैं बल्कि जोखिम भरे मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम देकर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने 18 दिसंबर 2004 को...
नेशलन डेस्क: भारतीय वायुसेना की जांबाज महिला अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह उन चुनिंदा महिलाओं में शामिल हैं जिन्होंने ना सिर्फ फाइटर हेलिकॉप्टर्स उड़ाए हैं बल्कि जोखिम भरे मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम देकर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने 18 दिसंबर 2004 को वायुसेना में बतौर फ्लाइंग पायलट कदम रखा था। तब उन्हें शॉर्ट सर्विस कमीशन (महिला) के तहत भर्ती किया गया था। आज वे 2500 घंटे से ज्यादा उड़ान भर चुकी हैं। चाहे पहाड़ हों या जंगल, व्योमिका ने हर कठिन परिस्थिति में अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा से निभाया है। 'चेतक' और 'चीता' जैसे हेलिकॉप्टरों को उड़ाते हुए उन्होंने कई बार राहत और बचाव अभियान चलाए हैं।
साल 2017 में बनीं विंग कमांडर
करीब 13 साल की सेवा के बाद उन्हें 2017 में विंग कमांडर के पद पर प्रमोशन मिला। यह पद न केवल वरिष्ठता का प्रतीक होता है, बल्कि इसकी जिम्मेदारियां भी बड़ी होती हैं। अब वह सिर्फ उड़ान नहीं भरतीं, बल्कि मिशनों की योजना बनाना, यूनिट का नेतृत्व करना और पूरे ऑपरेशन की कमान संभालना भी उनकी भूमिका में शामिल है।
फिलहाल कितनी है सैलरी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक विंग कमांडर की मासिक सैलरी लगभग 90,000 से 1,20,000 रुपये के बीच होती है। हालांकि यह वेतन बेसिक पे, मिलिट्री सर्विस पे, फ्लाइंग अलाउंस और अन्य भत्तों को जोड़कर बनता है। इसके अलावा, विंग कमांडर व्योमिका सिंह को कई विशेष सरकारी सुविधाएं भी दी जाती हैं:
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सरकारी आवास या हाउस रेंट अलाउंस (HRA)
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सेना की गाड़ी और ड्राइवर
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फ्री मेडिकल सुविधा (खुद और परिवार के लिए)
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क्लब व कैंटीन सुविधा
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बच्चों की शिक्षा में सब्सिडी
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एयर टिकट कन्सेशन और कई अन्य लाभ
8वें वेतन आयोग से कितना बढ़ेगा वेतन?
केंद्र सरकार जब भी नया वेतन आयोग लागू करती है तो कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होती है। अब चर्चा है कि 8वां वेतन आयोग अगले कुछ वर्षों में लागू किया जा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसे अधिकारियों की सैलरी में 20% से 25% तक इजाफा हो सकता है। इसका मतलब यह है कि जहां अभी उन्हें करीब 1 लाख रुपये तक वेतन मिलता है, वहीं वेतन बढ़कर 1.10 लाख से 1.50 लाख रुपये प्रति माह तक हो सकता है। इसके साथ ही मिलने वाले भत्तों में भी समानुपातिक वृद्धि की संभावना है, जिससे उनकी कुल मासिक इनकम और सुविधाएं और बेहतर हो जाएंगी।