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अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाने के तेल, खासकर पाम ऑयल की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। बायोफ्यूल की बढ़ती मांग और मजबूत ग्लोबल संकेतों...
भारत का खाद्य तेल आयात वित्त वर्ष 2025-26 में तीन प्रतिशत बढ़कर 166.51 लाख टन हो गया। नेपाल से शुल्क-मुक्त आयात में तेज वृद्धि इसकी मुख्य वजह रही।...
प्याज की कीमतों में लगातार गिरावट के बीच केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार अब किसानों से 12.35 रुपए प्रति किलोग्राम...
देश में चीनी की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने चीनी के निर्यात पर 30 सितंबर 2026 तक तत्काल...
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। पिछले कुछ दिनों में कुकिंग ऑयल की कीमतें चुपचाप बढ़ गई हैं और बाजार में सूरजमुखी, सोयाबीन व पाम तेल के दाम प्रति लीटर कई रुपए तक चढ़ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि वैश्विक सप्लाई में बाधा और
भारतीय चावल निर्यात संघ (आईआरईएफ) ने सरकार से ईरान संकट और प्रमुख समुद्री मार्गों में अस्थिरता के कारण पैदा हुए व्यवधान के प्रभाव को कम करने के लिए तत्काल सहायता मांगी है। चावल निर्यातकों के निकाय ने कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) को दिए अपने ज्ञापन में कहा कि निर्यातक इस वक्त कंटेनर की भारी कमी, पश्चिम एशिया के लिए जहाजों
ईरान-इजरायल युद्ध के बाद पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ गए हैं। Strait of Hormuz में बढ़ते खतरे और जहाजों की आवाजाही पर असर ने वैश्विक सप्लाई चेन को झटका दिया है। कच्चे तेल और नेचुरल गैस की आपूर्ति पर दबाव के साथ-साथ भारत का बासमती चावल निर्यात भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब भारत के चावल निर्यात पर दिखने लगा है। निर्यातकों ने ईरान, अफगानिस्तान और खाड़ी देशों को होने वाले भुगतान में देरी और शिपिंग रुकावटों को लेकर चिंता जताई है। खासतौर पर बासमती चावल सबसे ज्यादा जोखिम में है, क्योंकि भारत के लगभग 50% निर्यात सऊदी अरब, ईरान, इरा
केंद्र सरकार ने जूट किसानों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए कच्चे जूट (TD-3 ग्रेड) का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹275 प्रति क्विंटल बढ़ाकर ₹5,925 कर दिया है। इस फैसले की जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने कैबिनेट बैठक के बाद दी। सरकार का कहना है क
भारत ने चालू वर्ष 2025-26 के विपणन वर्ष में फरवरी तक 2,01,547 टन चीनी का निर्यात किया। इसमें संयुक्त अरब अमीरात शीर्ष निर्यात गंतव्य रहा। अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (एआईएसटीए) ने सोमवार को यह जानकारी दी। चीनी निर्यात पर सरकार का नियंत्रण बना हुआ है जिसके तहत मिल के बीच आनुपातिक रूप से 'कोटा' वितरित किया जाता है। केंद्र सरकार ने 2025-26 विपणन
जनवरी 2026 में खुदरा महंगाई (CPI) में हल्की तेजी दर्ज की गई है। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी में भारत की खुदरा महंगाई दर 2.75% रही। यह संशोधित डेटा सीरीज के तहत जारी किया गया पहला आधिकारिक आंकड़ा है।
भारत के चावल निर्यातकों ने मंगलवार को वाशिंगटन के आयात शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने के फैसले का स्वागत किया। निर्यातकों का कहना है कि इस कटौती से प्रमुख बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मकता और मांग को बढ़ावा मिलेगा, विशेष रूप से ऐसे समय में जब देश रिकॉर्ड उत्पादन की ओर बढ़ रहा है। इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन (आईआरईएफ) ने इस कदम को
देश में चीनी उत्पादन चालू सत्र 2025-26 में 31 जनवरी तक 18.35 प्रतिशत बढ़कर 1.95 करोड़ टन पर पहुंच गया है। उद्योग निकाय इस्मा ने शनिवार को यह जानकारी दी। मुख्य उत्पादक राज्यों में उत्पादन बढ़ने से यह वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले सत्र की समान अवधि में चीनी का उत्पादन 1.64 करोड़ टन रहा था। चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा विनिर्माता संघ
इस साल सरसों किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है। सरसों के रकबा में 3 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और अब तक मौसम भी फसल के अनुकूल बना हुआ है। हालिया बारिश से सरसों की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है। मौजूदा हालात को देखते हुए इस साल सरसों के उत्पादन में करीब 10 फीसदी तक इजाफा हो सकता है और पैदावार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने
गन्ने की अधिक आपूर्ति और बेहतर पैदावार के चलते भारत का चीनी उत्पादन 2025-26 सत्र में 15 जनवरी तक सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 1.59 करोड़ टन हो गया है। उद्योग संगठन इस्मा ने मंगलवार को यह जानकारी दी। भारतीय चीनी एवं बायो-ऊर्जा विनिर्माता संघ (इस्मा) ने एक बयान में कहा कि पिछले साल इसी अवधि में उत्पादन 1.3 करोड़ टन था। इस साल 15 जनवरी तक
सरकार ने करीब तीन साल बाद गेहूं के आटे और उससे बने उत्पादों के निर्यात पर आंशिक राहत दी है। केंद्र सरकार ने कुल 5 लाख टन गेहूं के आटे, मैदा और सूजी के निर्यात की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश में गेहूं के निर्यात पर 2022 से प्रतिबंध लागू है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़ी वैश्विक उथल-पुथल का असर अब भारत में भी साफ दिखाई देने लगा है। इसका सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश पर पड़ रहा है, जहां से बड़े पैमाने पर कृषि और खाद्य उत्पादों का निर्यात किया जाता है। मौजूदा हालात के चलते यूपी से ईरान को होने वाला करीब ₹1500 करोड़ का निर्यात
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को कहा कि अधिक बुवाई क्षेत्र और फसल की अनुकूल परिस्थितियों के कारण देश में गेहूं उत्पादन पिछले साल के 11.79 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर से अधिक रहने की उम्मीद है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के एक कार्यक्रम के मौके पर चौहान ने कहा, ''इस समय गेहूं की फसल अच्छी स्थिति में है। कोई नुकसान नहीं है। कुल
थोक मुद्रास्फीति में लगातार दूसरे महीने वृद्धि जारी रही और दिसंबर 2025 में यह 0.83 प्रतिशत पर पहुंच गई। खाद्य पदार्थों, गैर-खाद्य वस्तुओं और विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में मासिक आधार पर बढ़ोतरी से इसमें वृद्धि दर्ज की गई। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति नवंबर में शून्य से नीचे 0.32 प्रतिशत और अक्टूबर में
सर्दियों के मौसम में लोग सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क होते दिख रहे हैं और इसका सीधा असर खाने के तेल की खपत पर पड़ा है। जहां एक ओर पाम ऑयल की मांग में तेज गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर सोयाबीन और सूरजमुखी तेल की खपत और आयात में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह जानकारी सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ
मेष: स्वास्थ्य सम्बंधित शिकायत हो सकती है। दुविधाजनक स्थितियों से निकलने
वृष: अपमान का सामना करना पड़ सकता है। घर-परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा।
मिथुन: पुराने कार्य का सार्थक परिणाम मिलेगा। प्रतियोगिता में सफलता मिलने के
कर्क: आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी। निजी सम्बन्धों में उदासीनता रहेगी। गृहस्थी का
सिंह: सोच-समझकर ही धन निवेश करें। हानि होने के संकेत है। पारिवारिक तनाव
कन्या: शारीरिक पीड़ा हो सकती है। पड़ोसियों से कटुता बढ़ेगी। परिजनो से मधुरता बनायें
तुला: कहीं न कहीं लाभ के योग हैं। छात्रों के करियर में प्रगति होगी। सम्मान व लाभ
वृश्चिक: घरेलू खर्चों की अधिकता रहेगी। मन परेशान रहेगा। बेवजह मन में आशंका रहेगी।
धनु: अनहोनी घटना हेतु आशंकित रहेगे। सोच-समझकर व्यापारिक निर्णय लें। आर्थिक
मकर: संतान को लेकर मन चिंतित रहेगा। पारिवारिक बुर्जुगों का स्वास्थ्य परेशान करेगा।
कुंभ: व्यवसाय में लाभ मिलेगा। न व्यवसाय के प्रारंभ हेतु समय शुभ है। मित्रों संग
मीन: शारीरिक व मानसिक कष्ट रहेगा। सिर की चोट लग सकती है सावधान रहें। प्रेम
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21/05/2026 09:30 IST
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