Iran-Israel तनाव चरम पर: मिसाइल प्रमुख जनरल हाजीजादेह की मौत की पुष्टि, परमाणु वैज्ञानिक भी मारे गए

Edited By Updated: 14 Jun, 2025 09:26 AM

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मध्य पूर्व में एक बार फिर से हालात विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गए हैं। वर्षों से छुपी हुई दरारें अब खुलकर सामने आ रही हैं। शुक्रवार, 13 जून की दोपहर, जब ईरान ने एक टेलीविज़न प्रसारण के ज़रिए यह स्वीकार किया कि उसके शीर्ष मिसाइल कमांडर जनरल आमिर अली...

नेशनल डेस्क:  मध्य पूर्व में एक बार फिर से हालात विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गए हैं। वर्षों से छुपी हुई दरारें अब खुलकर सामने आ रही हैं। शुक्रवार, 13 जून की दोपहर, जब ईरान ने एक टेलीविज़न प्रसारण के ज़रिए यह स्वीकार किया कि उसके शीर्ष मिसाइल कमांडर जनरल आमिर अली हाजीजादेह अब इस दुनिया में नहीं रहे — तो दुनिया भर की नजरें एक बार फिर तेहरान और तेल अवीव के बीच की दरार पर टिक गईं।

इजरायली हमलों में हाजीजादेह की मौत, कई बड़े वैज्ञानिक और जनरल भी मारे गए

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की मिसाइल यूनिट के प्रमुख जनरल हाजीजादेह उन शीर्ष अधिकारियों में शामिल थे, जो इजरायल द्वारा गुरुवार रात किए गए हवाई हमलों में मारे गए। यह हमले ईरान के प्रमुख परमाणु और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे।

ईरानी मीडिया के अनुसार, इन हमलों में:

  • छह वरिष्ठ परमाणु वैज्ञानिकों की जान चली गई

  • कई बड़े सैन्य अधिकारी मारे गए

  • और सबसे चौंकाने वाला नाम था — मेजर जनरल मोहम्मद बाघेरी, जो कि ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ थे

 अमेरिका का रिएक्शन: ट्रंप ने चेताया, “अब वक्त है डील करने का”

इस घटना के तुरंत बाद, अमेरिका की प्रतिक्रिया भी सामने आई। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने कहा: "मैंने ईरान को कई बार समझौते का मौका दिया है। अब अगर वो फिर गलती करेगा, तो अगली कार्रवाई और भी विनाशकारी होगी।"  ट्रंप ने ईरान को स्पष्ट संकेत दिए कि समय रहते परमाणु समझौते पर लौटना ही बेहतर विकल्प है।

वार्ता से पहले हमला — क्या यह रणनीति थी?

गौर करने वाली बात यह है कि ये हमले ठीक उस दिन से पहले हुए जब ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को लेकर अहम वार्ता होने वाली थी। इस हमले ने उस संभावित कूटनीतिक कोशिश पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसका मकसद था क्षेत्र में तनाव कम करना।

 क्या बढ़ सकता है युद्ध का खतरा?

गाजा युद्ध (2023) के बाद से ही ईरान और इजरायल के रिश्ते लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अब जब दोनों देशों के बड़े सैन्य अधिकारी एक सीधी कार्रवाई में मारे गए हैं, तो आशंका यही जताई जा रही है कि यह टकराव किसी व्यापक संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।

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