Edited By Khushi,Updated: 29 Jan, 2026 05:14 PM

भारत सरकार में वित्त मंत्री का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। देश की आर्थिक नीति, बजट, टैक्स व्यवस्था और सरकारी खर्च की जिम्मेदारी वित्त मंत्री के पास होती है। आज़ादी के बाद से अब तक कई नेताओं ने इस पद को संभाला है और देश की अर्थव्यवस्था को दिशा...
National Desk: भारत सरकार में वित्त मंत्री का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। देश की आर्थिक नीति, बजट, टैक्स व्यवस्था और सरकारी खर्च की जिम्मेदारी वित्त मंत्री के पास होती है। आज़ादी के बाद से अब तक कई नेताओं ने इस पद को संभाला है और देश की अर्थव्यवस्था को दिशा दी है। आइए जानते हैं 1947 से लेकर आज तक भारत के वित्त मंत्रियों, उनकी भूमिका और वर्तमान वित्त मंत्री से जुड़ी अहम जानकारी।
भारत के पहले वित्त मंत्री
भारत को आजादी मिलने के बाद आर.के. शनमुखम चेट्टी देश के पहले वित्त मंत्री बने। उन्होंने 1947 से 1948 तक यह पद संभाला। उन्होंने 26 नवंबर 1947 को आजाद भारत का पहला बजट पेश किया। उस समय अनुमानित राजकोषीय घाटा 171.15 करोड़ रुपये था। वे एक अर्थशास्त्री, वकील और राजनेता थे। 1933 से 1935 तक वे केंद्रीय विधान सभा के अध्यक्ष भी रह चुके थे। 1947 से अब तक भारत के वित्त मंत्री भारत की स्वतंत्रता के बाद से अब तक कुल 28 वित्त मंत्री रह चुके हैं। कुछ मंत्रियों ने यह पद एक से अधिक बार भी संभाला है। हर वित्त मंत्री ने अपने कार्यकाल में देश की आर्थिक नीतियों को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, भारत की महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं। हालांकि, इंदिरा गांधी पहली महिला थीं जिन्होंने वित्त मंत्री के रूप में बजट पेश किया। इंदिरा गांधी ने 1970-71 का केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया था।
1947 से आज तक भारत के वित्त मंत्रियों की सूची
- लियाकत अली खान- 29 अक्टूबर 1946 - 14 अगस्त 1947
- आरके शनमुखम चेट्टी- 15 अगस्त 1947 17 अगस्त 1948
- जॉन मथाई- 22 सितंबर 1948 - 1 जून 1950
- सीडी देशमुख- 1 जून 1950 - 1 अगस्त 1956
- टीटी कृष्णमाचारी- 30 अगस्त 1956 - 14 फरवरी 1958
- जवाहरलाल नेहरू- 14 फरवरी 1958 - 22 मार्च 1958
- मोरारजी देसाई- 22 मार्च 1958 - 31 अगस्त 1963
- टीटी कृष्णमाचारी- 31 अगस्त 1963 - 31 दिसंबर 1965
- सचिंद्र चौधरी- 1 जनवरी 1966 - 13 मार्च 1967
- मोरारजी देसाई- 13 मार्च 1967 - 16 जुलाई 1969
- इंदिरा गांधी- 16 जुलाई 1969 - 27 जून 1970
- यशवंतराव बी. चव्हाण- 27 जून 1970 - 10 अक्टूबर 1974
- चिदंबरम सुब्रमण्यम- 10 अक्टूबर 1974 - 24 मार्च 1977
- हरिभाई एम. पटेल- 26 मार्च 1977 - 24 जनवरी 1979
- चरण सिंह- 24 जनवरी 1979 - 16 जुलाई 1979
- हेमवती नंदन बहुगुणा- 28 जुलाई 1979 - 19 अक्टूबर 1979
- आर. वेंकटरमन- 14 जनवरी 1980 - 15 जनवरी 1982
- प्रणब मुखर्जी- 15 जनवरी 1982 - 24 जनवरी 1987
- वीपी सिंह- 31 दिसंबर 1984- 24 जनवरी 1987
- राजीव गांधी- 24 जनवरी 1987 - 25 जुलाई 1987
- एनडी तिवारी- 25 जुलाई 1987 - 25 जून 1988
- शंकरराव बी. चव्हाण- 25 जून 1988 - 2 दिसंबर 1989
- मधु दंडवते- 5 दिसंबर 1989 - 10 नवंबर 1990
- यशवंत सिन्हा- 21 नवंबर 1990 - 21 जून 1991
- मनमोहन सिंह- 21 जून 1991 - 16 मई 1996
- जसवंत सिंह- 16 मई 1996 - 1 जून 1996
- पी. चिदंबरम- 1 जून 1996 - 21 अप्रैल 1997
- आई. के. गुजराल- 21 अप्रैल 1997 - 1 मई 1997
- पी. चिदंबरम- 1 मई 1997 - 19 मार्च 1998
- यशवंत सिन्हा- 19 मार्च 1998 - 1 जुलाई 2002
- जसवंत सिंह- 1 जुलाई 2002 - 22 मई 2004
- पी. चिदंबरम- 23 मई 2004 - 30 नवंबर 2008
- मनमोहन सिंह- 30 नवंबर 2008 - 24 जनवरी 2009
- प्रणब मुखर्जी- 24 जनवरी 2009 - 26 जून 2012
- मनमोहन सिंह- 26 जून 2012 - 31 जुलाई 2012
- पी. चिदंबरम- 31 जुलाई 2012 - 26 मई 2014
- अरुण जेटली- 26 मई 2014 - 30 मई 2019
- निर्मला सीतारमण- 31 मई 2019 से अब तक
वर्तमान वित्त मंत्री: निर्मला सीतारमण
निर्मला सीतारमण ने 31 मई 2019 को वित्त मंत्री का पद संभाला। वे राज्यसभा की सदस्य हैं। 1 फरवरी 2026 को वे 2025-26 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। वे पहले भारत की रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं। रक्षा और वित्त — दोनों मंत्रालय संभालने वाली वे पहली महिला नेता हैं।
वित्त मंत्री की मुख्य भूमिकाएं और जिम्मेदारियां
- वित्त मंत्री देश की आर्थिक व्यवस्था का प्रमुख जिम्मेदार होता है। उनके मुख्य कार्य इस प्रकार हैं:
- हर साल केंद्रीय बजट तैयार करना और संसद में पेश करना
- सरकार की आय और खर्च की योजना बनाना
- कर नीति (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर) तय करना
- देश की आर्थिक स्थिरता और विकास सुनिश्चित करना
- सरकारी वित्तीय प्रबंधन और लेखा प्रणाली की निगरानी करना