Edited By Niyati Bhandari,Updated: 18 Sep, 2023 07:33 AM

खुश रहने का उपाय- ‘जिस किसी वस्तु की चाहत हो उसे जी जान एक करके प्राप्त कर लेना चाहिए, अन्यथा जो मिला है
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How to be happier: खुश रहने का उपाय- ‘जिस किसी वस्तु की चाहत हो उसे जी जान एक करके प्राप्त कर लेना चाहिए, अन्यथा जो मिला है उसे दिल से पसंद कर लेना चाहिए।’
प्रसन्न रहने वालों की न केवल रोगों से लड़ने की ताकत अधिक होती है अपितु उनका आत्मविश्वास भी सशक्त होता है।
इस कारण वे कठिन कार्य भी सुगमता से कर लेते हैं। सकारात्मक सोच प्रसन्नता की अभिवृद्धि करती है जबकि नकारात्मक चिन्तन धीमे जहर का कार्य कर शरीर को खोखला कर देता है। समस्याओं को चुनौती के रूप में लेने से कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। संघर्ष काल कठिन अवश्य होता है लेकिन उससे गुजरने पर मिली उपलब्धियों के कारण इस दौरान हुई पीड़ा आनंद में परिवर्तित हो जाती है।

चिन्ता, क्रोध, ईर्ष्या, परनिन्दा, लोभ जैसे दुगुर्णों को जीतने से मन में संतोष की वृद्धि होती है। निष्ठापूर्वक अपने कार्यों को करने से खुशी प्राप्त होती है। बिना किसी प्रतिफल की अपेक्षा किए, कर्म किए जाने की प्रवृत्ति, दूसरों के कार्य की समीक्षा न कर अपने ही सुधार के लिए प्रयासरत रहना छोटी-छोटी खुशियां प्रदान करता है। विषम परिस्थितियों में भी स्वयं को आनंदित करते रहना ही प्रसन्नता का स्रोत है।

प्रसन्नता स्वार्थ में नहीं अपितु दूसरों की प्रसन्नता में वृद्धि करने में होती है। किसी के आंसू पोंछना, किसी के चेहरे पर मुस्कराहट लाना प्रसन्नता की वृद्धि करते हैं। प्रसन्न रहें- स्वस्थ रहें, यही जीवन का मूलमंत्र होना चाहिए।