Edited By Anu Malhotra,Updated: 20 Jan, 2026 12:56 PM

युवा बहुत छोटी उम्र से ही इसके प्रति आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह मानते हैं, लेकिन फिर भी लोग अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग प्रकार की शराब का चुनाव करते हैं।
नेशनल डेस्क: आज के दौर में शराब का सेवन एक सामाजिक चलन बनता जा रहा है, जहां युवा बहुत छोटी उम्र से ही इसके प्रति आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह मानते हैं, लेकिन फिर भी लोग अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग प्रकार की शराब का चुनाव करते हैं।
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि बीयर, वोदका और व्हिस्की में से किसमें नशा यानी अल्कोहल की मात्रा सबसे अधिक होती है। आइए जानते हैं इनके बीच का असली अंतर:
1. व्हिस्की (Whiskey)
व्हिस्की को सबसे कड़क शराबों में गिना जाता है।
अल्कोहल की मात्रा: आमतौर पर इसमें 40% से 50% तक अल्कोहल होता है।
भारतीय मानक: भारत में उपलब्ध ज्यादातर लोकप्रिय ब्रांड्स में यह मात्रा 42.8% तय होती है।
विशेष प्रकार: कुछ चुनिंदा किस्मों (Cask Strength) में यह मात्रा 60% के पार भी जा सकती है।
2. वोदका (Vodka)
वोदका को अक्सर 'साफ और तेज' शराब माना जाता है।
अल्कोहल की मात्रा: इसमें सामान्यतः 35% से 50% अल्कोहल होता है।
औसत: ज्यादातर वोदका में 40% अल्कोहल पाया जाता है।
नोट: कुछ विदेशी ब्रांड्स में इसकी मात्रा बहुत अधिक (95% तक) हो सकती है, लेकिन उन्हें सीधे पीना जानलेवा हो सकता है, इसलिए उन्हें मिलाकर इस्तेमाल किया जाता है।
3. बीयर (Beer)
बीयर में अल्कोहल की मात्रा अन्य कड़क शराबों की तुलना में काफी कम होती है।
लाइट बीयर: इसमें मात्र 2% से 4% अल्कोहल होता है।
स्ट्रॉन्ग बीयर: इसमें 6% से 8% तक अल्कोहल पाया जाता है।
मैक्सिमम: कुछ खास क्राफ्ट बीयर में यह 12% तक हो सकती है, जो फिर भी व्हिस्की के मुकाबले बहुत कम है।
तुलना: कौन है सबसे ज्यादा नशीला?
अगर हम सीधी तुलना करें, तो व्हिस्की और वोदका दोनों ही 'हार्ड ड्रिंक्स' की श्रेणी में आती हैं। इनमें बीयर की तुलना में लगभग 5 से 10 गुना ज्यादा अल्कोहल होता है। इसका मतलब है कि जितनी अल्कोहल एक पूरी बीयर की बोतल में होती है, उतनी मात्रा व्हिस्की के एक छोटे से पेग में मिल सकती है।