Edited By Prachi Sharma,Updated: 29 Jan, 2026 08:08 AM

Kashi Vishwanath Mandir : काशी विश्वनाथ मंदिर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में एक विशेष स्थान प्राप्त है। इसे शिव के सबसे पवित्र स्वरूपों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन स्थानों पर ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, वहां स्वयं भगवान...
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Kashi Vishwanath Mandir : काशी विश्वनाथ मंदिर को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में एक विशेष स्थान प्राप्त है। इसे शिव के सबसे पवित्र स्वरूपों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन स्थानों पर ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, वहां स्वयं भगवान शिव प्रकट हुए थे। काशी विश्वनाथ को सातवां ज्योतिर्लिंग माना जाता है। हाल ही में इस पवित्र मंदिर से जुड़ा एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने भक्तों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
हाल के दिनों में मंदिर परिसर में एक दुर्लभ और मन को छू लेने वाला नजारा देखने को मिला। मंदिर के स्वर्ण शिखर के ऊपर अर्ध चंद्रमा दिखाई दिया, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान शिव अपने चंद्रशेखर स्वरूप में स्वयं वहां विराजमान हों। इस दृश्य ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहराई से छू लिया। कई लोगों ने इसे ईश्वरीय संकेत बताया, तो कुछ ने इसे भगवान शिव की विशेष कृपा के रूप में देखा।
जैसे ही इस अनोखे पल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं, वे तेजी से वायरल होने लगीं। हजारों लोगों ने इन तस्वीरों को देखकर अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की। भक्तों का मानना है कि ऐसा दृश्य बहुत ही कम देखने को मिलता है, इसलिए इसे सामान्य प्राकृतिक घटना से कहीं अधिक माना जा रहा है।
भगवान शिव को चंद्रशेखर कहा जाता है, क्योंकि उनके मस्तक पर सदैव अर्ध चंद्र शोभायमान रहता है। ऐसे में मंदिर के शिखर के ऊपर चंद्रमा का दिखना श्रद्धालुओं के लिए बेहद भावनात्मक और पवित्र अनुभव बन गया। यही कारण है कि लोग इस घटना को भक्ति और विश्वास से जोड़कर देख रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यंत विशाल है। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। सदियों से यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र रहा है और आज भी यहां घटित होने वाली हर विशेष घटना लोगों के विश्वास को और मजबूत करती है।