Bank Strike Today: आज देशभर में बैंकों की हड़ताल, जानें कौन-कौन से बैंक रहेंगे बंद

Edited By Updated: 27 Jan, 2026 12:41 AM

bank unions are on strike across the country today

अगर आप 27 जनवरी (मंगलवार) को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम करने की सोच रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। आज देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इस हड़ताल का ऐलान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने...

नेशनल डेस्कः अगर आप 27 जनवरी (मंगलवार) को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम करने की सोच रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। आज देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इस हड़ताल का ऐलान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया है।

क्यों हो रही है बैंक हड़ताल?

बैंक यूनियनें लंबे समय से 5-डे वर्क वीक (हफ्ते में 5 दिन काम और 2 दिन छुट्टी) की मांग कर रही हैं। यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में भारतीय बैंक संघ (IBA) के साथ हुए वेतन संशोधन समझौते में सभी शनिवारों को छुट्टी देने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। इसी देरी और सरकार से मंजूरी न मिलने के विरोध में आज देशव्यापी हड़ताल की जा रही है।

अभी बैंकों में क्या व्यवस्था है?

फिलहाल बैंक कर्मचारियों को हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी मिलती है। बाकी शनिवारों में बैंक खुले रहते हैं, यानी महीने में दो हफ्ते कर्मचारियों को 6 दिन काम करना पड़ता है। यूनियनों का कहना है कि यह व्यवस्था अब समय के हिसाब से ठीक नहीं है।

किन बैंकों पर पड़ेगा असर?

इस हड़ताल में देश के लगभग सभी सरकारी बैंक शामिल हैं, जैसे:

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB)

  • बैंक ऑफ बड़ौदा

  • बैंक ऑफ इंडिया

  • केनरा बैंक

  • इंडियन बैंक

  • अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक

कई शहरों में बैंक कर्मचारियों ने पहले ही प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं और चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।

क्या काम के घंटे कम हो जाएंगे?

यूनियनों ने साफ कहा है कि काम के घंटे कम नहीं होंगे। उनका प्रस्ताव है कि सोमवार से शुक्रवार तक कर्मचारी रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करेंगे। ताकि साप्ताहिक कार्य समय में कोई कमी न आए। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है, लेकिन पिछले दो साल से कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ।

यूनियनों का तर्क क्या है?

यूएफबीयू का कहना है कि आरबीआई, एलआईसी, स्टॉक एक्सचेंज और ज्यादातर सरकारी कार्यालय पहले से ही 5 दिन का कार्य सप्ताह अपनाते हैं। ऐसे में बैंकों में अब भी 6 दिन काम कराने का कोई ठोस कारण नहीं है।

हड़ताल कब से कब तक रहेगी?

यह हड़ताल 26 जनवरी की आधी रात से शुरू होकर 27 जनवरी की आधी रात तक चलेगी। इस दौरान कैश लेन-देन, चेक क्लीयरेंस, ब्रांच से जुड़े काम प्रभावित रहने की संभावना है।

सरकार से मंजूरी क्यों अटकी?

यूएफबीयू ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत, हड़ताल की सूचना पहले ही IBA, मुख्य श्रम आयुक्त और वित्तीय सेवा विभाग को दे दी थी। यूनियनों के मुताबिक 7 दिसंबर 2023 को IBA और UFBU में समझौता हुआ। 8 मार्च 2024 को संयुक्त नोट भी जारी किया गया। लेकिन अब तक सरकार की अंतिम मंजूरी नहीं मिली।

9 महीने से बातचीत बेनतीजा

यूनियनों का कहना है कि 2015 में दूसरे और चौथे शनिवार की छुट्टी लागू हुई। उसके बाद कई दौर की बातचीत हुई लेकिन सभी शनिवारों की छुट्टी पर सहमति नहीं बन पाई। पिछले 9 महीनों से कोई ठोस पहल नहीं होने के कारण यूनियनों को फिर से हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

 

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!