Edited By Prachi Sharma,Updated: 01 May, 2025 11:24 AM

आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव और नकारात्मकता के बीच हर कोई एक सुखद, सफल और शांतिपूर्ण जीवन की तलाश में है। ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता BK शिवानी जी अपने प्रेरणादायक विचारों से लाखों लोगों के
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
BK Shivani Thoughts: आधुनिक जीवन की भागदौड़, तनाव और नकारात्मकता के बीच हर कोई एक सुखद, सफल और शांतिपूर्ण जीवन की तलाश में है। ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रसिद्ध आध्यात्मिक वक्ता BK शिवानी जी अपने प्रेरणादायक विचारों से लाखों लोगों के जीवन में बदलाव ला चुकी हैं। उनके अनुसार, हमारी रात की आदतें हमारे जीवन की दिशा और ऊर्जा को बहुत गहराई से प्रभावित करती हैं। दिन भर की भागदौड़ के बाद जब हम विश्राम की ओर बढ़ते हैं, तो यही समय होता है जब मन को स्थिर किया जा सकता है और अपने भाग्य को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। आइए जानते हैं बी.के शिवानी के अनुसार रात की ऐसी 8 आदतों के बारे में, जो आपकी किस्मत बदल सकती हैं।
सोने से पहले दिनभर का आत्म-मूल्यांकन करें
बी.केशिवानी के अनुसार, दिन के अंत में कुछ समय अपने साथ बैठकर यह मूल्यांकन करना चाहिए कि हमने दिनभर में क्या सोचा, क्या कहा और क्या किया। यह आत्मचिंतन हमें स्व-जागरूक बनाता है और यह जानने में मदद करता है कि हम अपनी सोच और व्यवहार में कहां सुधार कर सकते हैं। यह आदत आत्मविकास का मार्ग प्रशस्त करती है।
नकारात्मक सूचनाओं से दूरी बनाएं
रात में टीवी पर नकारात्मक समाचार या वेब सीरीज देखना मन और नींद दोनों को प्रभावित करता है। बी.के शिवानी कहती हैं कि सोने से कम से कम एक घंटे पहले मोबाइल, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों से दूरी बना लेनी चाहिए। ऐसा करने से अवचेतन मन को सकारात्मक संदेश मिलते हैं।
शुभ संकल्पों के साथ दिन का समापन करें
सोने से पहले 5 मिनट तक ऐसे विचार करें जो आत्मा को शक्ति दें। जैसे-
मैं शांत आत्मा हूं
मेरा कल सुंदर और सफल होगा
मैं हर परिस्थिति में सकारात्मक रहूंगा
ये संकल्प हमारी जीवन की दिशा बदल सकते हैं।

रिश्तों को लेकर क्षमा और समर्पण का अभ्यास करें
BK शिवानी का मानना है कि रिश्तों में छोटी-छोटी बातों को लेकर मन में गुस्सा या दुख लेकर सोना, आत्मा की ऊर्जा को कमजोर करता है। सोने से पहले सबको दिल से माफ करें और शुभ भावनाएं भेजें। यह अभ्यास आपको आंतरिक शांति और मानसिक स्वतंत्रता देता है।
ईश्वर से संवाद करें
दिनभर के शोर-शराबे और व्यस्तता के बाद रात में कुछ पल ईश्वर से आत्मिक संवाद के लिए निकालें। यह प्रार्थना या राजयोग हो सकता है, जिसमें आप अपने अनुभव साझा करते हैं और दिव्य ऊर्जा का अनुभव करते हैं।
